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आजमगढ़ जेल में भिड़े कैदी, तीन घायल

Sun, 20 Mar 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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आजमगढ़ जेल
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 जिला कारागार में एक वर्ष के अंदर तीसरी बार कैदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। शनिवार की दोपहर 12.30 बजे के करीब बैरक नंबर आठ में हुई मारपीट में तीन बंदी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल बंदी शिवकुमार को जिला अस्पताल ले जाया गया जबकि शैलेश और पिंटू का उपचार जेल के अस्पताल में हुआ। विवाद बंदी शैलेश के पांव से निक्की उपाध्याय का बिस्तर गंदा होने से शुरू हुआ था। जेल अधीक्षक ने बताया कि मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है। 
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मंडल कारागार के बैरक नंबर आठ में निरुद्ध बंदियों में शैलेश (26) का पैर एक अन्य बंदी निक्की उपाध्याय के बिस्तर पर पड़ गया। निक्की के एतराज जताने पर दोनों के बीच विवाद हो गया, देखते ही देखते उनमेें मारपीट होने लगी। इस पर उसी बैरक में निरुद्ध सरायमीर थाने के कमालपुर गांव निवासी शिवकुमार (32) और पिंटू (22) बीच बचाव करने पहुंच गए। तभी निक्की के कुछ साथी आ गए और उन लोगों ने शैलेश के साथ शिवकुमार और पिंटू को लात, घूसों से पीट कर घायल कर दिया। जेल में मारपीट की सूचना पर जेलर आरके दोहरे बैरक में पहुंचे।

उन्होंने तीनों घायलों को जेल के अस्पताल में भेजा। जहां से शिव कुमार को जिला अस्पताल भेज दिया गया। शिवकुमार के आंख में चोट आई थी। इलाज के बाद उसे वापस जेल में निरुद्ध कर दिया गया। उसे दूसरी बैरक में रखा गया है। 
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क्षमता तीस की बंद हैं 100 से अधिक _ जिला कारागार में शनिवार की दोपहर हुई मारपीट की बड़ी वजह यहां क्षमता से अधिक बंदियों का निरुद्ध होना है। जेल सूत्रों के मुताबिक जेल के बैरक नंबर आठ की क्षमता 30 बंदियों की है जबकि उसमें 100 से अधिक बंदी बंद हैं। ऐसे में रहन-सहन, सुविधाओं और वर्चस्व को लेकर यहां टकराव होता रहता है। गत वर्ष 20 अप्रैल को वर्चस्व को लेकर जेल में बंदी अमरदीप यादव और राकेश राय के गुट में मारपीट हुई थी। इसमें कई बंदी घायल हो गए थे। इसके बाद नवंबर में अमरदीप यादव और सचिन पांडेय के गुटों में जबरदस्त खूनी टकराव हुआ था। बाद में दोनों सरगनाओं को दूसरी जेलों में स्थानांतरित कर दिया गया।   

बैरक में बंदियों की क्षमता अधिक होने की वजह से उनमें थोड़ी बहुत नोक-झोंक होती रहती है। झगड़ा करने वाले बंदियों को सख्त चेतावनी दी गई है। साथ ही विभागीय कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है। - डा. रामधनी, जेल अधीक्षक  
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