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पुलिस के ग्रुप में भेजी जा रही पोर्न वीडियो

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आजमगढ़। डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों की तरफ से सोशल नेटवर्किंग बढ़ाने के लिए वाट्स एप पर थाने के नाम से वालंटियर ग्रुप बनाया गया है। उद्देश्य, घटनाओं की सूचना तुरंत मिले। थाना प्रभारी इसके ग्रुप एडमिन बनाए गए हैं। ऐसे ग्रुप में ब्लू फिल्में भेजी जा रही है। अश्लील वीडियो और फोटो भेजने वाले भी सिपाही ही हैं। इस प्रकार का मामला देवगांव, गंभीरपुर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में उजागर हुआ हैं। ग्रुप में शामिल संभ्रांत लोगों के के विरोध पर आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारीगण मामले को दबाकर शांत हो गए। बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने, घटनाओं की तुरंत जानकारी, ज्वलंत मुद्दों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों का अलग-अलग डिजिटेल वालंटियर वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप के एडमिन थानाध्यक्ष, थाने के साइबर सेल आदि से संबंधित पुलिसकर्मियों को बनाया गया है। प्रत्येक थानों के ग्रुप में 250 से अधिक लोगों को शामिल किया जाना था। इसमें थाना क्षेत्र के रिटायर शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, सेना के जवान, क्षेत्र के बड़े व्यापारी, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाना था। ग्रुप बनाते समय पुलिसवालों महज खाना पूर्ति करते हुए उसमें थानों के सिपाही और दरोगा को भी जोड़ दिया। वर्तमान इनका स्थानांतरण होने पर ये दूसरे थानों में जा चुके हैं। इस ग्रुप में ब्लू फिल्म, अश्लील गानें और प्रचार संबंधी पोस्टर भेजे जा रहे हैं। गंभीरपुर थाने के इस ग्रुप में करीब एक हफ्ते पहले किसी ने पोर्न वीडियो भेज दिया। देवगांव कोतवाली के ग्रुप में भी कई बार अश्लील वीडियो भेजा गया। इससे संभ्रांत लोगों में नाराजगी है। लोगों के मुताबिक यह क्रम थानों के इस ग्रुप में लगातार देखने को मिल रहा। कई बार दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई। वहीं थानाध्यक्ष और उच्चाधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में जुट गए हैं।
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पोर्न वीडियो भेजने वाले भी सिपाही
आजमगढ़। देवगांव कोतवाली पुलिस की तरफ से बनाए गए ग्रुप में दो दिन पूर्व अश्लील वीडियो भेजने वाला जनपद के एक थाने पर तैनात सिपाही है। वो पूर्व में देवगांव कोतवाली में रह चुका है। गंभीरपुर थाने के ग्रुप में मैसेज भेजने वाले की पहचान हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों की पहचान होने के बाद भी इनके विरुद्ध अब तक कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है।

पुलिस के ग्रुप में पोर्न वीडियो डालने वालों को ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। उनकी पहचान कराई जा रही है। शिनाख्त होते ही उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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