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पूर्व में भी मुसाफिर पर हुई थी फायरिंग

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थाना क्षेत्र के मंदे गांव में बुधवार की सुबह पूर्व बीडीसी मुसाफिर राम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना से करीब दो वर्ष पूर्व भी जमीन के विवाद में उस पर पट्टीदारों ने फायरिंग की थी। हालांकि तब वह बच गया था। अभी हाल ही में गांव में कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया है। जिसका वह विरोध कर रहा था। इस वजह से भी वह कई लोगों की आंखों की किरकिरी बना हुआ था।
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मुसाफिर राम तीन बच्चों का पिता था। उसका बड़ा बेटा उदयभान मैनपुरी जिले में अध्यापक है। जबकि दूसरे नंबर का हरिकेश आजमगढ़ शहर के एक प्राइवेट बैंक में काम करता है। सबसे छोटा अरविंद कुमार एलआईसी का एजेंट है। उदयभान और अरविंद अपने परिवार के साथ कहीं रहते हैं। जबकि वह दूसरे नंबर के बेटे हरिकेश के परिवार के साथ घर रहता था। मुसाफिर का पड़ोसी कन्हैया राम से जमीन का विवाद चल रहा था। इसके चलते नवंबर 2016 में मनबढ़ों ने गोली मारी थी। तभी से पट्टीदारों से तनातनी चल रही थी।
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