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तीन साल बाद भी नहीं गिरफ्तार हुए आरोपी

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आजमगढ़। आम रास्ते के विवाद में तीन वर्ष पूर्व महराजगंज थाना क्षेत्र के अक्षयबट गांव में रिटायर आर्मी अफसर के परिवार के छह सदस्यों को गोली मारकर घायल करने वाले दो प्रमुख आरोपियों को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। महराजगंज थाने की पुलिस और सीओ सगड़ी की तरफ से उन्हें फरार बताया जाता है, जबकि दोनों गांव में खुलेआम घूम रहे हैं। घटना के समय पुलिस ने आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन दिया था। पर लाइसेंस भी अभी तक नहीं निरस्त हो सका।
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पीड़ित आनंद प्रकाश सिंह महराजगंज थाना क्षेत्र के अक्षयबट गांव के निवासी हैं। वह वर्ष 2014 में आर्मी से वारंट आफिसर के पद से रिटायर हुए हैं। आनंद प्रकाश सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2015 को उनके चाचा नटवर सिंह गांव के आम रास्ते से खेत की तरफ जा रहे थे। तभी पड़ोसी अभिमन्यू सिंह सहित उनके परिवार के लोग घेरकर उन्हें मारने लगे। क्योंकि वे लोग रास्ते से जाने से मना कर रहे थे। नटवर सिंह को बचाने के लिए परिवार के लोग पहुंचे। तभी विपक्षी घर से लाइसेंसी असलहा लेकर आए और ताबड़तोड़ गोली मारने लगे। गोली से आनंद प्रकाश सिंह के अलावा श्रीप्रकाश सिंह, परिवार की मीरा देवी, अंकिता सिंह, नंदनी और प्रिया सिंह घायल हो गई। घटना के संबंध में विनोद सिंह, आकाश, सत्येंद्र, अशोक, दिनेश और मातबर सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन गोली मारने वाले मुख्त्र् आरोपी सत्येंद्र सिंह और दिनेश सिंह अब तक नहीं गिरफ्तार हो सके। जबकि केस दर्ज कराने वाले आनंद प्रकाश ने पुलिस के गवाही में भी यह बता चुका है कि मुख्य आरोपी यही दोनों हैं। आनंद के मुताबिक ना तो यह दोनों आरोपी गिरफ्तार हुए, ना ही इनकी जमानत ही हुई है। फिर भी आजाद घूम रहे हैं। मुकदमा उठाने की धमकी दे रहे। एसपी, डीएम सहित अन्य अधिकारियों के यहां प्रार्थना पत्र देकर आनंद थक जाने के बाद राज्यपाल से गुहार लगाई है। इस मामले में एसपी ग्रामीण, नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, यदि कोई शिकायत करता है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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