कप्तानगंज थाना क्षेत्र के राजापट्टी गांव में शुक्रवार की रात अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रामअवध प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। यह खुलासा रविवार को शहर कोतवाली में पत्रकारों के सामने एसपी सिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने किया। उन्होंने बताया कि रामअवध ने ही गांव में प्रतिमा स्थापित करवाई थी। एसपी सिटी ने बताया कि रामअवध पर रासुका भी लगाया जाएगा।अन्य आरोपियों की तलाश है।
राजापट्टी गांव में करीब दो बीधा से अधिक सरकारी जमीन है। जिस पर वर्ष 1990 में गांव के रामअवध प्रसाद ने डा. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कराई थी। साथ ही जमीन के कुछ हिस्से पर मड़ई डालकर स्कूल खोल दिया। तभी से उसका विद्यालय चल रहा है। उधर इसी जमीन के बचे हुए हिस्से में तहसील प्रशासन की तरफ से गांव के तेरह लोगों को पट्टा कर दिया गया। जिस पर कुछ लोग काबिज हैं, जबकि कई को अभी तक कब्जा नहीं मिल सका है।
रामअवध उक्त जमीन से पट्टा खारिज करवाकर उसे स्कूल के लिए खेल का मैदान बनाना चाहता था। इन दिनों देश में मूर्तियों को तोड़ने के दौरान रामअवध प्रसाद ने शुक्रवार की रात प्रतिमा को तोड़वा दिया। शनिवार की सुबह जानकारी होने पर दलित नाराज होकर नारेबाजी, जाम आदि करने लगे। इसी बीच रामअवध उक्त जमीन से पट्टाधारकों को बेदखल करने की मांग करने लगा। इस पर पुलिस को शक हुआ और रामअवध से कड़ाई से पूछताछ की। एसपी सिटी ने बताया कि रामअवध इससे पहले भी कई बार इसी तरह से प्रतिमा तोड़ चुका है।
इनसेट
माहौल का फायदा उठाया
आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के राजापट्टी गांव निवासी रामअवध की गिरफ्तारी पर खुलासा करते हुए एसपीसिटी सुभाष चंद्र गंगवार ने कहा कि आरोपी ने वर्तमान समय में महापुरुषों की प्रतिमा तोड़ने के माहौल का फायदा उठाया। कुछ लोग प्रतिमाओं को तोड़कर अलग माहौल बना रहे। जिसका फायदा रामअवध ने भी उठाया।