आजमगढ़। जिला जेल में मंगलवार को भी बंदियों के भूख हड़ताल पर रहने की चर्चा जोरों पर रही, हालांकि जेल के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने इसकी पुष्टि नहीं की। जेल में ली गई अलग-अलग तिथियों में तलाशी के दौरान 37 और मोबाइलें बरामद हुई। जिसे अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा गया था। हालांकि यह सभी मोबाइलें किसी के पास से नहीं मिली थी, ऐसे में जेल प्रशासन सभी को जब्त करते हुए अपने पास रख लिया है।
जेल में बंदी धड़ल्ले से मोबाइल चलाते हुए बाहर की व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखा रहे थे। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से अपने 11 नवंबर और 11 मार्च के अंक में प्रकाशित किया। जिसे संज्ञान में लेते हुए 16 मार्च को एडीएम प्रशासन और एसपीसिटी ने छापेमारी कर बंदियों के पास से 35 मोबाइलें बरामद की। इसमें पूर्व विधायक सुरेंद्र मिश्रा, पूर्व मंत्री अंगद यादव, कलीम जामई सहित अन्य का नाम भी शामिल है। उधर जेल में मोबाइल के प्रवेश के मामले में लापरवाही पाए जाने पर शासन ने जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर सहित कई बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही इनके खिलाफ जांच चल रही। शासन ने नए वरिष्ठ जेल अधीक्षक के पद पर आरके मिश्रा को तैनात कर दिया। जेल की कमान संभालने के दूसरे दिन 29 मार्च को जेल मैदान में गड्ढा खोदकर गाड़े गए 11 मोबाइल, 30 मार्च को बैरकों की तलाशी के दौरान पांच मोबाइल, एक अप्रैल को जेल के अस्पताल में छिपाकर रखी गई सात मोबाइलों सहित कुल 37 मोबाइलें मिलीं। लेकिन यह किसकी है यह जानकारी नहीं हो सकी। इसकी पड़ताल की जा रही।
वहीं दो दिनों से बंदियों के भूख हड़ताल की भी खबरें हैं। वही भोजन न करने की वजह से कुछ बंदियों के बीमार होने की भी चर्चा है। हालांकि जेल सूत्रों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि तलाशी के दौरान अब तक 37 मोबाइल बरामद हो चुकी हैं। जिसे अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा गया था। यह मोबाइलें किसकी हैं। इसकी पड़ताल की जा रही। बंदियों के भूख हड़ताल या बीमार होने की सूचना को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि सख्ती बरतने पर कुछ बंदी नाराज हैं और तरह-तरह की अफवाह फैला रहे हैं।