कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में वन उत्पाद का दोहन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद चोरी छिपे शिकाकाई और बेंत को निकालकर बेचा जा रहा है। इसकी भनक लगने पर फील्ड डायरेक्टर ने छापेमारी कर कार्रवाई के आदेश दिए।
उसी के तहत डीएफओ ने छापा मारा तो दो ट्रॉली बेंत व शिकाकाई बरामद हुई। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ की जा रही है। डीएफओ ने कहा कि कुछ और खुलासे की भी संभावना है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में वन उत्पाद की न तो बिक्री होती है न ही कटान। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी छिपे सेंक्चुरी क्षेत्र में उत्पादित बेंत और शिकाकाई को निकालकर लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं।
इसकी सूचना मिलने पर दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर रमेश पांडेय ने छापेमारी कर कार्रवाई के आदेश डीएफओ को दिए। उसी के तहत मंगलवार शाम को डीएफओ जीपी सिंह ने टीम के साथ बिछिया बीट को खंगाला।
यहां पर दो ट्राली में लदी शिकाकाई व काटी गई बेंत की खेप बरामद हुई है। डीएफओ ने बताया कि मौके से त्रिभुवन प्रसाद नामक युवक को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
बेंत व शिकाकाई से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली को सीज कर रेंज केस दर्ज किया गया है। डीएफओ ने कहा कि अन्य रेंजों में भी छापेमारी कर वन उत्पाद की चोरी करने वालों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
तीन सदस्यीय टीम गठित, जांच के निर्देश
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में कटान और वन उत्पादों का दोहन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बेंत और शिकाकाई को निकालकर चोरी की जा रही है। इसकी भनक रेंजर तक को नहीं है। इस मामले में डीएफओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
रमेश पांडेय फील्ड डायरेक्टर दुधवा