अतरौलिया कस्बा निवासी किराना व्यवसायी से 30 लाख रुपये नहीं बल्कि पांच लाख रुपये की लूट हुई थी। इसका खुलासा बुधवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी ग्रामीण शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि लूट मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में इसकी जानकारी दी। बदमाशों के पास से पुलिस ने लूट के 51 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त बाइक, एक पिस्टल, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किया। शेष रकम इनके तीसरे साथी के पास है। उसकी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश पांडेय पुत्र इंद्रमणि अतरौलिया थाना क्षेत्र के पुर्खिपुर गांव और लालमोहन उर्फ बलबीर यादव पुत्र श्यामनरायन इसी थाना क्षेत्र के गौरा गांव का निवासी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि अतरौलिया बाजार निवासी अजय कुमार कसौधन बड़े किराना कारोबारी हैं। इनके पास हिंदुस्तान लीवर कंपनी की एजेंसी भी है। 16 अगस्त को अजय का भाई अशोक एक झोले में रुपये रखकर बैंक में जमा करने जा रहा था। जैसे ही वह घर से थोड़ी दूर शांति नगर मुहल्ले में पहुंचा कि एक बाइक पर सवार तीन बदमाश उसे ओवरटेक कर रोके और असलहा सटाकर रुपये वाला झोला लूट ले गए।
अशोक कुमार ने बदमाशों द्वारा 30 लाख रुपये लूटने की बात कहते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
व्यापारी से इतनी बड़ी रकम लूटे जाने की घटना के बाद गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें गठित की गई थी। मंगलवार की शाम सीओ बूढ़नपुर उमेशनाथ मिश्रा को मुखबिर के जरिए सूचना मिली तो उन्होंने एसओ अतरौलिया विवेक यादव को मठिया पुल के पास चेकिंग का निर्देश दिया। एसओ अपनी टीम के साथ वहां मौजूद थे कि तभी एक बाइक पर सवार होकर उधर से आकाश और लालमोहन गुजरे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 51 हजार रुपये, एक पिस्टल, एक तमंचा और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद हुई।
पूछताछ के दौरान इन दोनों ने कबूल किया कि वे अपने तीसरे साथी के साथ मिलकर अशोक कसौधन से रुपये का बैग लूटे थे। जिसमें पांच लाख रुपये था। इन सभी का अतरौलिया सहित आसपास के थाना क्षेत्रों में आतंक रहा।
फोन कर बदमाशों ने पूछा पांच को 30 क्यों बता रहे हो?
सीओ बूढऩपुर उमेश नाथ मिश्रा ने बताया कि अतरौलिया कस्बे में हुई लूट की घटना में 30 लाख रुपये की रकम लूटे जाने का मामला सार्वजनिक होने पर बदमाशों ने पीड़ित कारोबारी को फोन कर धमकी दी कि झोले में पांच लाख रुपये थे और तुम 30 लाख रुपये बता रहे हो। बदमाशों के उसी फोन नंबर के जरिए उनका सही लोकेशन मिला और वे गिरफ्तार कर लिए गए।