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फर्जीवाड़े में शिक्षक की सेवा समाप्त, रिकवरी का निर्देश

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आजमगढ़। फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पाने वाले परिषदीय विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी गई है। पिछड़ी जाति होते हुए उसने अनुसूचित जनजाति कोटे में नौकरी पाई थी। इसकी शिकायत बीएसए से की गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर मंगलवार को शिक्षक की सेवा समाप्त करते हुए रिकवरी का भी आदेश जारी कर दिया है।
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वर्ष 2015 में मऊ जिले के घोसी कोतवाली अंतर्गत भदीड़ गांव निवासी अमितेश कुमार पुत्र सम्हारू राम की बेसिक शिक्षा विभाग में बतौर सहायक अध्यापक तैनाती हुई थी। अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत अमितेश की पहली नियुक्ति हरैया ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय चांदपट्टी पर हुई थी। वर्तमान में अमितेश की तैनाती मिर्जापुर ब्लॉक के प्रावि राजापुर सिकरौर पर है। मऊ जिले के घोसी कोतवाली अंतर्गत बारा गांव निवासी अनुज कुमार सिंह ने बीएसए को शिकायती पत्र देकर अमितेश के जनजाति कोटे में नियुक्ति को अवैध बताया था। इस शिकायत पर बीएसए ने तहसीलदार मुहम्मदाबाद को पत्र भेज कर अमितेश के जाति प्रमाण पत्र की जांच करायी। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि अमितेश पिछड़ी जाति का है और कूटरचना कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया है। तहसील से आख्या आने के बाद भी बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने पांच अप्रैल को अमितेश को अपने पक्ष में साक्ष्य रखने का अंतिम मौका दिया गया जिसमें उपस्थित होकर अमितेश ने जो साक्ष्य रखा वह उसके दावे को सही साबित नहीं कर रहा था। इस पर बीएसए ने नियुक्ति की तिथि से उसकी सेवा समाप्त करने के साथ ही रिकवरी का आदेश मंगलवार को निर्गत कर दिया।
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