आजमगढ़। रोडवेज के पास रविवार की रात लखनऊ जाने वाली सरकारी बस में सीट पर बैठने को लेकर एक उच्चाधिकारी के बेटे और भासपा नेता के बीच मारपीट हुई। हंगामा बढ़ने की सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। रात को शहर कोतवाली में पहुंचे भासपा नेताओं ने पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया।
घटना के समय रोडवेज पर मौजूद लोगों की मानें तो मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के एक उच्चाधिकारी का बेटा तमिलनाडू की एक प्राइवेट कंपनी में ठेकेदारी करता हैं। रविवार की रात वह किसी काम से लखनऊ जाने के लिए रोडवेज के वातानुकूलित बस में बैठ गए। जिस सीट पर अधिकारी का बेटा बैठा था। उसी सीट पर भासपा के प्रदेश स्तरीय नेता भी बैठ रहे थे। सीट पर बैठने की बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह दोनों पक्षों को लेकर थाने चले आए। वहीं कोतवाली में पहुंचे पार्टी के लोगों ने कोतवाली पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस अधिकारी के बेटे को एक होटल के कमरे में रखवाई है। जबकि भासपा नेता को लाकअप में बंद किया है। शहर कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पक्षपात करने का आरोप गलत है। जो जितना दोषी होगा। उसके विरुद्ध उसी धारा में कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ना ही अभी तहरीर ही मिली है।