आजमगढ़। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के खानकाह बहरामपुर गांव में जमीनी विवाद के चलते महिला बेबी चौरसिया पर फेंके गए तेजाब के मामले में पुलिस की तरफ से की गई जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि महिला क्षेत्र के एक अपराधी के साथ मिलकर जमीन को हथियाना चाहती है और उस जमीन को तीन वर्ष के लिए बदमाश से एग्रीमेंट कर ली है। जबकि जमीन स्वयं बेबी की नहीं है। यह जमीन बहुत पहले ही ममता प्रजापति को बेच दी गई है।
कोतवाल जीयनपुर मुनीष प्रताप चौहान ने बताया कि बेबी चौरसिया जिस जमीन को अपना बता रही है। वह जमीन 18 जनवरी 2017 को गाजीपुर जिले के सूचना अधिकारी राकेश प्रजापति ने अपनी पत्नी ममता प्रजापति के नाम बैनामा लिया है। जबकि ममता से पूर्व यह जमीन 30 अगस्त 1967 को विजय प्रसाद और नरेंद्र प्रसाद से सरजू पुत्र झगड़ू ने खरीदा था। जिस समय जमीन खरीदी गई थी। उस समय भूमि पर एक कमरा बना हुआ था। जो वर्तमान समय में क्षतिग्रस्त हो गया है। सरजू परिवार सहित कोलकाता रहते हैं। इसलिए जमीन की देखभाल बेबी चौरसिया कर रही थी। इधर जमीन का बैनामा लेने के बाद ममता उस पर निर्माण कराने गई तो बेबी आदि ने विरोध किया। इस दौरान पता चला कि बेबी ने उक्त जमीन को जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले एक कुख्यात बदमाश को तीन साल के लिए एग्रीमेंट कर दी है। जबकि जमीन स्वयं उसका नहीं है। कोतवाल ने बताया कि इससे पूर्व भी उक्त जमीन के सच का पता लगाने के लिए कई बार तहसीलदार और लेखपाल जांच कर अपनी रिपोर्ट लगा चुके हैं। कोतवाल ने बताया कि बेबी चौरसिया उक्त बमदाश की सह पर स्वयं कपड़े आदि फाड़कर अधिकारियों के यहां जाकर आरोप लगाती है। जबकि उसके विरुद्ध थाने में धोखाधड़ी और मारपीट के कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि एसडीएम सगड़ी की जांच रिपोर्ट आने के बाद जमीन को लेकर उत्पन्न होने वाले विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करा दिया जाएगा। साथ ही दोषी के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।