आजमगढ़। भोलेभाले लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर उनके कार्ड के जरिए खाते से रुपये निकालने वाला गिरोह जिले में काफी दिनों से सक्रिय है। प्रतिदिन तीन से चार घटनाओं को अंजाम भी दे रहा है। आमजन में इस गिरोह को लेकर दहशत है। लेकिन पुलिस की कार्रवाई महज रिपोर्ट दर्ज करने तक ही सिमटकर रह गई है। कई-कई मामलों में शिकायत के बाद भी केस नहीं दर्ज हो पा रहा।
घटनाओं पर गौर करें तो मेंहनगर थाना क्षेत्र के खजुरा फुलाइच गांव निवासी नितेश कुमार का खाता यूनियन बैंक आफ इंडिया की शाखा रासेपुर में है। नितेश का एटीएम कार्ड लेकर 17 जुलाई की दोपहर उसका भाई सूरज तरवां थाना क्षेत्र के भदिया मंहगूगंज बाजार में लगे एटीएम से रुपये निकालने गया था। जैसे ही सूरज ने एटीएम मशीन में कार्ड डाला तो काम नहीं किया। इस पर पीछे खड़ा एक युवक सूरज का कार्ड लेकर देखने लगा और बदलकर उसे दूसरा थमा दिया। बाद में जालसाज आठ किस्तों में उसके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिया। यह रुपये मऊ जिले के चिरैयाकोट बाजार से निकाला गया है। घटना के बाद सूरज ने तरवां थाने में तहरीर दी तो पुलिस कार्रवाई करने की बजाय पहले तो उसके बाइक का चालान कर दी। बाद में थाने और थाने से चौकी भेजा गया। केस न दर्ज होने पर सोमवार को सूरज ने एसपी ग्रामीण से गुहार लगाई है। इसीक्रम में 21 जुलाई को मेहनाजपुर थाना क्षेत्र के जीयापुर गांव निवासी फेंकू राम मेहनाजपुर बाजार गया था। वहां ग्रामीण बैंक के एटीएम रुपये निकालने पहुंचा। मशीन में कार्ड डालने पर मशीन काम नहीं की। इस पर वहां खड़े दो जालसाज उसका कार्ड लेकर देखने लगे और बदलकर दूसरा थमाकर फरार हो गए। जालसाजों ने फेंकू के खाते से 31 हजार रुपये निकाल लिया। इस संबंध में मेहनाजपुर थाने में केस दर्ज है। इसीक्रम में 22 जुलाई को निजामाबाद थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव निवासी महताब आलम ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसका आरोप है कि 17 जुलाई को वह शहर के सिविल लाइंस मुहल्ले में स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से रुपये निकालने पहुंचा। मशीन से रुपये तो नहीं निकले। वहां खड़े जालसाज ने महताब का कार्ड बदलकर उसके खाते से 38 हजार रुपये निकाल लिया। इस प्रकार की घटनाएं जिले के किसी न किसी क्षेत्र मेें आए दिन हो रही। लेकिन पुलिस की कार्रवाई महज केस दर्ज करने तक सिमटकर रह गई है। मशीन से रुपये निकालते समय बरतें सावधानी बरतें। यूनियन बैंक के एलडीएम मनोज कुमार के मुताबिक एटीएम से रुपये निकालते समय महत्वपूर्ण सावधानी बरती जाए। किसी को भी अपने कार्ड का नंबर और गुप्तकोड की जानकारी बिलकुल न दें, मशीन के भीतर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को अपना कार्ड न दें, ध्यान रखें कि रुपये निकालते समय आपके पीछे कौन खड़ा है, वह आपके गुप्त कोड डायल करते समय देख तो नहीं रहा। रुपये निकालते समय मशीन पर किसी को भी हाथ न लगाने दें। क्योंकि कोड डायल करने के बाद जालसाज मशीन से छेड़छाड़ कर देते हैं जिससे वह काम करना बंद कर देती है। जिसका फायदा जालसाज उठाते हैं।