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दो इनामिया गिरफ्तार, दरोगा गोली से घायल

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पल्हना/लालगंज। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में आतंक का पर्याय रहे दो इनामिया बदमाशों को बुधवार की भोर में देवगांव कोतवाली क्षेत्र के गायत्री मोड़ पर हुई मुठभेड़ में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि चकमा देकर पांच बदमाश भागने में सफल रहे। पुलिस की गोली पैर में लगने से एक बदमाश और बदमाशों की गोली से चौकी प्रभारी लालगंज घायल हो गए। इनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा। बदमाशों के पास से 42 सौ रुपये, तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त की जाने वाली पिकअप बरामद हुई है। इस गिरोह के सदस्य रात एक बजे के बाद पिकअप से घूमकर पशु चोरी, छिनैती, डकैती आदि घटनाओं को अंजाम देते थे। एसपी आजमगढ़ की तरफ से बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। एसपी रविशंकर छवि के मुताबिक पुलिस की गोली से घायल बदमाश कलीम पुत्र जहीर फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मुडिय़ार गांव निवासी, राहुल यादव पुत्र मुन्नीलाल इसी थाना क्षेत्र के ईशापुर गांव का रहने वाला है। जबकि फरार बदमाशों में मुडिय़ार गांव निवासी तारिक अंसारी, हारिश, फरमान, इसी थाने के नेवादा निवासी अतहर और सरायमीर थाना क्षेत्र का रहने वाला शाहआलम का नाम शामिल है। एसपी के मुताबिक कोतवाल देवगांव अखिलेश कुमार मिश्रा मंगलवार की रात क्षेत्र मेें गश्त कर रहे थे। तभी मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर जिवली मोड़ पर खड़े होकर बदमाशों के आने का इंतजार करने लगे। गोसाईगंज की तरफ से तेज गति से आती हुई पिकअप को रुकने का इशारा हुआ तो पिकअप सवार पुलिस पर वाहन चढ़ाने का प्रयास करते हुए लालगंज की तरफ भाग निकले। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी लालगंज अनिरुद्ध सिंह बाजार के नहर मोड़ पर हमराहियों के साथ पहुंच गए। पुलिस देख बदमाश अपनी गाड़ी लहुवां की तरफ से घुमा लिया। सामने से चौकी प्रभारी पल्हना घेराबंदी कर दिए। गायत्री मोड़ पर बदमाश अपने को घिरा देख पुलिस पर गोली चलाने लगे। बदमाशों की गोली दरोगा अनिरुद्ध सिंह के दाहिने कंधे मेें लगने से वह घायल हो गए। पुलिस के जवाबी कार्रवाई में पैर म ें गोली लगने से कलीम घायल हो गया। कलीम के घायल होते ही अन्य बदमाश भागने लगे। पीछा कर राहुल यादव को पकड़ लिया गया। जबकि अन्य भाग निकले। घायलों का सीएचसी लालगंज में इलाज कराने के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से डाक्टर ने बदमाश और दरोगा को रेफर कर दिया। बदमाशों के पास से 42 सौ रुपये, एक तमंचा, कई कारतूस और खोखा, घटना में प्रयुक्त पिकअप बरामद हुई। इनके विरुद्ध आजमगढ़ के अलावा वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर आदि थानों में लूट, छिनैती, पशु चोरी सहित अन्य आपराधिक मामलों के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है।
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महिलाओं को अगवा कर लूटते थे आभूषण
आजमगढ़। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों का मुख्य पेशा पशुओ गाय, भैस, बकरी, को जो सड़क के किनारे सुनसान जगह पर बधे रहते है उन्हे आधा दर्जन से ज्यादा गैग मेंबरो की मदद से साथ चल रही पिकप मे लाद कर भाग जाते थे। यदि कोई इनका विरोध या पीछा करता था तो उसे रोकने के लिये कई तमंचे भी साथ रखते थे। पिकप के ढाले में ईट-पत्थर के टुकड़े भी रखते थे, जिसे चलाकर पीछा करने वालो पर हमला करते हुये भागने मे सफल हो जाते थे। 10 सितंबर की रात यह गैग वाराणसी से पिकप द्वारा आजमगढ आ रहा था। रास्ते में चोलापुर थाना क्षेत्र में सड़क पर मोटरसाइकिल सवार दंपति को तमंचे से आतंकित कर महिला को अपनी गाड़ी में डाल लिया। रास्ते में उसके शरीर के गहने लूट कर निर्जन स्थान पर छोड़कर आगे बढ गये और देवगांव बाजार के तिराहे पर बाइक के इंतजार में खड़े डा. प्रवीर सिंह और उनकी पत्नी डा. पूजा सिंह के साथ हाथापाई कर पूजा के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। इनका आतंक चल रहा था।
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