अहरौला। थाना क्षेत्र के रकबा जलालपुर बाजार के पास गुरुवार की देर शाम दुकान बंद कर घर लौट रहे दो दुकानदारों को घायल कर मनबढ़ों ने दस हजार रुपये नगद और लैपटाप लूटकर फरार हो गए। बदमाशों को हाथ में तमंचा और चाकू भी था। घटना की सूचना मिलने पर डायल 100 की पुलिस पहुंची और बताए हुए दो युवकों को हिरासत में लेकर छोड़ दी। शुक्रवार को इसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो तमाम महिला और पुरुष थाने पहुंचकर घेराव कर लिया और कार्रवाई की मांग करने लगे। सीओ बूढनपुर के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
पीड़ितों में सुनील राम और रणजीत राम अहरौला थाना क्षेत्र के रकबा जलालपुर गांव के निवासी हैं। गांव के बाजार में सुनील की किराने और रणजीत की सैलून की दुकान है। गुरुवार की शाम यह दोनों अपनी दुकान बंदकर घर लौट रहे थे। बाजार से जैसे ही पांच सौ मीटर आगे बढ़े कि एक बाइक पर सवार दो बदमाश इन्हें रोके और पीटकर घायल करते हुए दस हजार रुपये और लैपटाप छीनकर फरार हो गए। बदमाश क्षेत्रीय होने की वजह से दुकानदारों ने पहचान लिया और घटना की सूचना डायल 100 की पुलिस को दी। पुलिस दुकानदारों की निशानदेही पर दो बदमाशों को हिरासत में लेकर थाने लाई जिसे बाद में छोड़ दिया गया। शुक्रवार को पुलिस द्वारा बदमाशों को छोड़े जाने की जानकारी रकबा जलालपुरवालों को हुई तो गांव के तमाम महिला और पुरुष अहरौला थाने पहुंचकर घेराव कर लिया और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस एक खास विरादरी के मनबढ़ों को बचा रही है। थाने का घेराव होने की सूचना पर सीओ बूढनपुर तत्काल मौके पर पहुंचे। सीओ ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। घेराव करने वालों में बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुबाष राम, अतरौलिया बसपा अध्यक्ष पल्टन राम, कमलेश राजभर, राधेश्याम निषाद के अलावा गांव के लक्ष्मीना, कीर्ती, तारा, गुंजा, रमावती, परमावती, विद्या, सावित्री आदि का नाम शामिल है। सीओ बूढनपुर रामजन्म ने बताया कि पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। शक के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।