जाआजमगढ़। पुलिस-प्रशासन ने अवैध शराब के धंधे को बंद करने और लोगों को जागरूक करने की दिशा में विभागीय स्तर पर कार्रवाई के साथ सामाजिक स्तर पर भी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत शिक्षित और जागरूक महिलाओं की टोलियां बनाकर उनके जरिये गांव की महिलाओं को जागरूक किया जाएगा ताकि वे अपने परिवार के पुरुषों को समझाकर उन्हें सही रास्ते पर ला सकें।
डीआईजी उदयशंकर जायसवाल ने बताया कि जहरीली शराब से जिन लोगों की मौत हुई है या जो बीमार हैं, उनमें अधिकतर निरक्षर, गरीब और मजदूर वर्ग के लोग हैं। शराब की लत लगने के बाद ऐसे लोगों को दस रुपये की पाउच वाली शराब मिल जाती है जिसे वे सस्ती होने के कारण आसानी से खरीद कर पी लेते हैं। उन्हें यह भान नहीं होता है कि स्प्रिट से बनी यह शराब जानलेवा होती है। उन्होंने बताया कि पूछताछ में फूलचंद सैनी शराब पीने के कारण गंभीर रूप से बीमार हो चुका है। उसने शराब छोड़ दी थी लेकिन फिर दो महीने से वह पीने लगा था जिसने उसकी जान ले ली। बताया कि जहरीली शराब से कई लोगों की जान जा चुकी है और उनका परिवार तबाह हो चुका है। अशिक्षा और जागरूकता के अभाव में शराब की लत पाने वाले गरीब बर्बाद हो रहे हैं। ऐसे में गांव की महिलाओं को जागरूक करने के लिए शिक्षित और जागरूक महिलाओं की टोली बनाई जाएगी जो शराब न पीने, बच्चों को पढ़ाने और अच्छी परवरिश करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने बताया कि गांव में मुनादी कराकर अवैध शराब के धंधे से जुड़े लोगों को धंधा न छोडने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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शराब बिक्री की दें गोपनीय सूचना, होगी कार्रवाई
आजमगढ़। डीआईजी उदयशंकर जायसवाल अवैध शराब का धंधा रोकने के लिए गांवों में मुनादी कराने के साथ ही, पंचायत भवन, स्कूल, कालेज और सार्वजनिक स्थानों पर थानाध्यक्ष, एसपी, डीएम, डायल हंड्रेड समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के टेलीफोन नंबर लिखवाए जाएंगे। इन नंबरों को कोई भी अवैध शराब बिक्री की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा और अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।