आजमगढ़। अतरौलिया थाना क्षेत्र के बूढनपुर चौक से 11 अगस्त की रात शौच के बहाने पुलिसवालों को धक्का देकर फरार हुए सुजीत सिंह बुढ़वा का छठे दिन गुरुवार को भी कोई पता नहीं चला। उसकी गिरफ्तारी के लिए आजमगढ़ और रामपुर जिले की कुल चार टीमें लगाई गई हैं। जो आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही है। पुलिस की पूरी कोशिश है कि 19 अगस्त को डीजीपी की होने वाली समीक्षा बैठक से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाए। उधर लापरवाही के आरोप में एसपी रामपुर ने एक दरोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया।
फरार बदमाश सुजीत सिंह बुढ़वा मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अलदीमऊ गांव का निवासी है। वह डी-9 गिरोह का सरगना है। 22 मार्च 2016 को चिरैयाकोट बाजार में हुए दो लोगों की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था। गिरफ्तारी से पहले सुजीत पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। मऊ पुलिस के हत्थे चढने के बाद सुजीत मऊ जेल चला गया। वहां से उसे रामपुर जेल में शिफ्ट किया गया था। 11 मार्च को रामपुर जिले के विशेष श्रेणी के दरोगा महेंद्र सिंह, सिपाही विजय कुमार, पंकज और योगेंद्र सहित पांच पुलिसकर्मी सुजीत को रामपुर से मऊ अदालत में पेशी के लिए लाए थे। अदालत में पेश कराने के बाद उसे वापस रामपुर जेल ले जाया जा रहा था। रास्ते में अतरौलिया थाना क्षेत्र के बूढनपुर चौक पर शौच करने का बहाना बनाया। पुलिस वाले उसे जैसे ही गाड़ी से नीचे उतारने के लिए दरवाजा खोले कि वह सिपाहियों को धक्का देकर भाग गया। तभी से सुजीत की तलाश की जा रही है। 19 अगस्त को जिले में प्रमुख सचिव और डीजीपी द्वारा कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की जानी है। ऐसे में पुलिस की पुरी कोशिश है कि डीजीपी के आने से पहले ही सुजीत को गिरफ्तार कर लिया जाए। गुरुवार को भी सुजीत की तलाश में पुलिस की चार टीमें अलग-अलग जिलों और ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इस दौरान सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है।