आजमगढ़। खुद को एक कैबिनेट मंत्री का पीए बताने वाले के इशारे पर जहानागंज थाने की पुलिस गैंगरेप पीड़िता कक्षा 11वीं छात्रा के तहरीर देने के तीन दिन बाद भी घटना की रिपोर्ट नहीं दर्ज की है।
बुधवार को भी मां-बेटी कार्रवाई के लिए थाने पर बैठी रही। जबकिवहां मौजूद पुलिसकर्मी और पीए के समर्थक सुलह-समझौता के लिए दवाब बनाते रहे।
जहानागंज थाना क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी 11 की छात्रा है। उसके पिता रोजी-रोटी के चक्कर में विदेश में रहते है जबकि किशोरी अपनी मां और दो छोटे भाइयों के साथ रहती है। 14 अक्तूबर को रिश्तेदारी में तेरही होने की वजह से मां रिश्तेदार के यहां चली गई।
इस दौरान घर में किशोरी अपने दो छोटे भाइयों के साथ थी। रात करीब दस बजे गांव के तीन युवक नशे में धुत होकर किशोरी के घर पहुंचे। भीतर घुसकर किशोरी को अगवाकर खेत में उठा ले गए। मनबढ़ों ने उसे मारपीटा और उससे गैंगरेप किया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
15 अक्तूबर की दोपहर किशोरी की मां घर आई तो उसने पूरा घटनाक्रम बताया। इसी दिन शाम को मां-बेटी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर दी। पुलिस कार्रवाई के बाद खुद को मंत्री का पीए बताने वाले के दबाव में कार्रवाई तो दूर सुलह-समझौते के लिए दवाब बनाने लगी।
पीड़िता का मेडिकल भी नहीं हो पाया। पीड़िता की मां केस दर्ज कराने के लिए तीन दिनों से थाने का चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी भी समझौते का दवाब बनाया जा रहा। सीओ सदर मो. अकमल खां ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही एसओ जहानागंज को केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दे दिया है।