अहरौला। थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव में शुक्रवार की देर रात नशे में धुत दो भाइयों में आपस में हाथापाई हुई और इस दौरान बड़े भाई ने रोटी बनाने वाले तवे से छोटे भाई की हत्या कर दी। हत्यारोपी ने ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी। पुलिस ने बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया। दादा की तहरीर पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी का चालान कर दिया। अरुण कुमार (26) पुत्र मोहित राम अहरौला थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव का निवासी था। अरुण के दो मकान हैं। जिसमें एक मकान अहरौला बाजार के पास है, जबकि दूसरा पकड़ी गांव में है। अहरौला बाजार वाले मकान में अरुण अपने माता-पिता और दोनों बहनों के साथ रहता था। जबकि उसका बड़ा भाई मनोज राम अपनी पत्नी, बच्चों के अलावा दादा झिंगई राम के साथ पकड़ी वाले मकान पर रहता है। दादा झिंगई के मुताबिक शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे अरुण दुर्वासा धाम से मेला देखकर पकड़ी गांव वाले मकान पर पहुंचा। शराब के नशे में वह अपनी बाइक का एक्सिलेटर तेजकर जोर-जोर का आवाज करने लगा। अरुण के बड़े भाई मनोज ने विरोध किया तो दोनों में मारपीट होने लगी। काफी देर तक दोनों के बीच सड़क पर मारपीट होती रही। इन दोनों का विवाद शांत न होने पर वह करीब एक किलोमीटर दूर स्थित दूसरे मकान पर अपने बेटे मोहित को बुलाने पहुंचा। वहां से जब तक लोग पकड़ी वाले मकान पर पहुंचते कि अरुण और मनोज मकान के भीतर रसोई घर में मारपीट करने लगे। इस दौरान मनोज रसोई घर में रखे लोहे का तवा और ईंट से उसके सिर पर प्रहार कर घायल कर दिया। चोट लगने पर अरुण जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। जब तक उसे अस्पताल ले जाने का प्रबंध किया जाता कि अरुण की मौत हो गई। वारदात के बाद मनोज ने ही पुलिस को सूचना दी। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। मनोज को गिरफ्तार कर ली। जबकि अरुण की लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी। सीओ बूढ़नपुर रामजन्म ने बताया कि गिरफ्तार मनोज का चालान कर दिया गया। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
अक्सर दोनों भाई करते थे मारपीट
अहरौला। थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव में शुक्रवार की रात मामूली विवाद के चलते दो सगे भाई आपस में मारपीट करने लगे। इस दौरान लोहे के तावा और ईंट से प्रहार कर बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या कर दी। घटना के बाद इस बात की चर्चाएं तेज हो गई कि अक्सर दोनों भाई आपस में इसी तरह से झगड़ा और मारपीट करते थे। बीच बचाव करने वालों को उल्टे धमकी देने लगते थे। शायद यही कारण था कि लोग सबकुछ जानने के बाद भी मौके पर बीच बचाव करने नहीं पहुंचे और छोटे भाई की जान चली गई। अहरौला थाने के पकड़ी गांव निवासी मोहित राम के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीकठाक थी। उसका आधा परिवार पकड़ी गांव में स्थित मकान में जबकि आधा परिवार अहरौला बाजार से सटे मकान में रहता था। शुक्रवार को मोहित का छोटा बेटा अरुण राम अपने मित्रों के साथ दुर्वासा से मेला देखकर घर लौटा और पकड़ी गांव वाले मकान पर मौजूद बड़े भाई मनोज से झगड़ा करते हुए मारपीझ्ट क रने लगा। जिसमें मनोज ने अरुण की मारपीटकर हत्या कर दी। आसपास के लोगों के मुताबिक अरुण और मनोज अक्सर आपस में इसी तरह से मारपीट और झगड़ा करते थे। जो कोई भी बीच बचाव करने जाता तो उसे धमकी देते थे कि यह हम दोनों भाईयों का मामला है। इसमें बाहरी को बोलने की कोई जरुरत नहीं। शायद यही कारण है कि शुक्रवार की रात दोनों भाईयों के बीच मारपीट होने की जानकारी आसपास के लोगों को हो गई। लोग जागकर मौके पर भी पहुंचे, लेकिन इनकी धमकी देने वाली बात याद कर वापस अपने घर जाकर सो गए। कोई बीच बचाव करने नहीं पहुंचा और अरुण की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी बड़े भाई मनोज ने बताया कि अगर मैं उसे नहीं मारता तो वह स्वयं मुझे मार देता। हालांकि पुलिस और महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी के लिए मनोज को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद ही कारण का खुलासा करने की बात कह रही है।