आजमगढ़। रौनापार बाजार में देशी शराब के ठेके पर पांच सौ रुपये की नकली नोट देकर शराब खरीदने के चक्कर में नकली नोट के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान इनके पास से 14800 रुपये नकली नोट बरामद हुई। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि इन सभी के तार मऊ जिले से जुड़े हुए हैं। दशहरा के मेला सहित अन्य धार्मिक पर्व पर भारी मात्रा में नकली नोट खपाने की योजना थी। हालांकि उससे पहले ही दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक नकली नोट के कारोबारियों को सौ रुपये के बदले में पांच सौ रुपये का नकली नोट दिया जाता है। ऐसे में रौनापार थाना क्षेत्र के निबिहवा गांव निवासी सुभाष यादव और आराजी अजगरा मगर्वी गांव निवासी राधेश्याम यादव 20 हजार रुपये देकर उसके बदले में एक लाख रुपये नकली नोट लिए थे। यह दोनों बाइक से घूमकर आसपास के देशी शराब की दुकानों पर जाते और वहां से शराब खरीदकर अन्य किसी को कम रुपये में बेच देने का काम करते थे। इससे ना केवल इन्हें असली रुपये मिल जाते थे, बल्कि शराब की दुकान से भी असली रुपये प्राप्त कर लेते थे। इसके अलावा अक्सर लोगों से हार-जीत का दाव लगाकर भी नकली रुपये देकर असली ले लेते थे। यह खेल काफी दिनों से कभषेत्र में चल रहा था। इसकी भनक लगने पर पुलिस मुखबिरों को छोड़ रखी थी, हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। शनिवार को एसटीएफ और मऊ जिले की पुलिस के संयुक्त प्रयास से नकली नोट कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस की सरगर्मी और बढ़ गई थी। शनिवार की रात जैसे ही एसओ रौनापार गिरिजेश सिंह को इसकी सूचना मिली तो तुरंत मौके पर पहुंचकर इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के नाम और पते की जानकारी हुई है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। साथ ही अन्य जानकारी के लिए इनके मोबाइल का डाटा भी खंगाला जा रहा।
पूछताछ के दौरान गिरोह के कुछ सदस्यों के नाम और पते की जानकारी हुई है। जिसके आधार पर उनकी तलाश की जा रही। जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण