फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण की आग में पूरे दिन गर्म रहा जनपद का माहौल

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जन जाति अत्याचार निरोधक अधिनियम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार को घोषित भारत बंद के दौरान पूरे दिन जनपद का माहौल काफी गर्म रहा। कहीं बंद का असर तो नहीं रहा, लेकिन जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह चक्का जाम, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपकर कर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों ने विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने अपना गुस्सा सरकारी होर्डिग्स और बैनरों पर निकाला। धरने के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा।
विज्ञापन

प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर भीम आर्मी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शिक्षक महासंघ, यूनियन बैंक एससीएसटी वेलफेयर एसोसिएशन, भीम ज्योति संघ, अंबेडकर संघर्ष समिति, जन मुक्ति मोर्चा, बाल कमेटी जमुआ आदि संगठनों ने अंबेडकर पार्क में संयुक्त रूप से विशाल धरना-प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। किया गया। सुबह से ही विभिन्न संगठन नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में अंबेडकर पार्क पहुंचते रहे। इससे कलक्ट्रेट के आसपास पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। इसके बाद अंबेडकर पार्क से संयुक्त रूप से विरोध रैली निकाली गई जो सिविल लाइंस, जजी मैदान, बवाली मोड़ पहुंची। यहां रैली में शामिल लोगों ने बवाली मोड़ पर चक्काजाम कर दिया। डेढ़ घंटे तक इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही थम गई। डीएम के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य राजस्व अधिकारी बवाली मोड़ पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद फिर रैली धरना स्थल अंबेडकर पार्क पहुंची। जहां वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। डीएवीपीजी कालेज के पूर्व उपाध्यक्ष गंगा प्रकाश त्यागी ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न प्रतिरोधक कानून को कमजोर किए जाने से हम दलित वर्ग में आक्रोश व्याप्त है। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की एनडीए सरकार के तानाशाही रवैए के कारण आज संविधान खतरे में है। इस मौके पर पूर्व विधायक मेंहनगर बृजलाल सोनकर, पूर्व सांसद डा. बलिराम, बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, हरिश्चंद्र गौतम, अश्वनी कुमार, शोभा प्रसाद, डा. ल ालती, मनीष कुमार, विरेंद्र गौतम आदि उपस्थित थे।
वहीं डा. भीमराव अंबेडकर सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष शंकर बौद्व के नेतृत्व में एससी,एसटी और ओबीसी पर हो रहे उत्पीड़न को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और हो रहे उत्पीडऩ को बंद किए जाने की मांग किया। इस मौके पर बृजेश कुमार, वीरेंद कुमार, अजय कुमार, हरिश्चंद आदि उपस्थित थे। वहीं भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा सिविल लाइन स्थित पाटीरश़ कार्यालय में बैठक की गई। जिसमें वक्ताओं ने एससी, एसटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निष्प्रभावी बनाने की निंदा की गई। साथ ही पूरे देश के 600 जनपद मुख्यालयों पर चार चरणों में धरने के आयोजन का निर्णय लिया गया। जिसमें चार अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया जाएगा। इस मौके पर लाल बहादुर त्यागी, अभिमन्यु प्रधान आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें