आजमगढ़। दीवानी न्यायालय के पास से पुलिस को चकमा देकर फरार हुए सजाफ्ता मोहन पासी का चौथे दिन शुक्रवार को भी कोई पता नहीं चला। एक तरफ उसके समर्थकों का दावा है कि पुलिस के एनकाउंटर की तैयारी है। उधर, पुलिस भगाने में समर्थकों का ही हाथ बता रही है। शुक्रवार को एसपी ने मोहन के समर्थकों को नोटिस देने का निर्देश शहर कोतवाल को दिया है।
वर्चस्व के चलते वर्ष 2008 में जहानागंज थाना क्षेत्र के डीहां गांव के प्रधान राकेश सिंह पप्पू के काफिले पर हमला कर तीन लोगों की हत्या कर दी गई। इस मामले में श्यामबाबू और मोहन पासी को आजीवन कारावास हुई। यह दोनों जेल में थे। 18 दिसंबर को निजामाबाद थाना क्षेत्र में गत दिनों गोली मारकर हुई लूट के मामले में मोहन पासी की न्यायालय में पेशी थी। यहीं से वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। मोहन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है। उधर मोहन पासी के फरार होने पर उसके समर्थन में अखिल भारतीय जनसंघर्ष पार्टी के लोग उतरे। इनका दावा है कि मोहन पुलिस अभिरक्षा से फरार नहीं हुआ है। बल्कि पुलिस साजिश के तहत उसे भगाकर अपना अभिरक्षा में किसी गुप्त स्थान पर रखे हुए है। उसका जल्द ही एनकाउंटर करने की तैयारी है। इस संबंध में अखिल भारतीय जनसंघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागेंद्र पासी की अध्यक्षता में 20 दिसंबर को रानी की सराय थाना क्षेत्र के शंकरपुर चेकपोस्ट के पास बैठक कर विरोध जताया और हर स्तर की लड़ाई लड़ने का दावा किया। इस बैठक में मंहगू राम, सुशील पासी, महेश पासी, दिनेश पासी, सुभाष पासी, जगदीश पासी, महेंद्र पासी आदि लोग मौजूद रहे।
00000
कोट
कुछ लोग मोहन पासी को किसी साजिश के तहत भगाने का पुलिस पर आरोप लगा रहे। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगने का निर्देश शहर कोतवाल को दिया गया है। जल्द ही इन्हें नोटिस भेजा जाएगा। - अजय कुमार साहनी, एसपी