जिले में बिना फिटनेस के संचालित हो रहे स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है। करीब 400 स्कूल वाहन संचालकों ने अब तक अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है।
इसे गंभीरता से लेते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय की ओर से संबंधित वाहन संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।
जिले में करीब 2100 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इन वाहनों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालय आते-जाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि, स्कूल वाहन संचालक इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हो रहे हैं।
इससे बच्चों का भविष्य खतरे में है। विभाग की ओर से स्कूल वाहनों के जरूरी अभिलेखों और निर्धारित मानकों के अनुपालन पर जोर दिया जा रहा है। इसके बावजूद 400 वाहन संचालकों की ओर से फिटनेस नहीं कराया जाना विभाग के लिए चिंता का विषय है।
परिवहन विभाग की ओर से संबंधित वाहन संचालकों को पहले भी फिटनेस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सूचना दी गई थी। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किए जाने पर अब नोटिस भेजा गया है।
इसके बाद भी लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। कार्रवाई से बचने के लिए स्कूल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में गंभीरता दिखाएं और वाहन के संबंध में औपचारिकताएं पूरी करें।
साथ ही वाहन संचालकों को चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र बनवा लें। इसके बावजूद यदि बिना फिटनेस के स्कूली वाहन संचालित होते पाए गए, तो संबंधित वाहन स्वामियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का पालन कराना है। एआरटीओ प्रशासन विष्णुदत्त मिश्रा ने बताया कि करीब 400 वाहनों को नोटिस भेजा गया है। यदि वे समय रहते फिटनेस नहीं कराएंगे, तो उनके वाहनों का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) निलंबित कर दिया जाएगा।