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भाकपा माले समर्थकों ने घर पर दिया धरना, कहा - कारपोरेट के समक्ष समर्पण है मोदी सरकार का राहत पैकेज

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लॉक डाउन के चलते हो रही समस्याओं को लेकर निजामाबाद तहसील में काली पट्टी बांधकर बैठे भारतीय कम्यु? - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। भाकपा माले के राष्ट्रीय आह्वान पर ‘राहत पैकेज के नाम पर धोखा क्यों’, ‘प्रवासी मजदूरों की लगातार मौतें क्यों’, मोदी सरकार जवाब दो... के नारे के साथ पार्टी कार्यकर्ता और समर्थकों ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मंगलवार को अपने अपने घरों पर धरना दिए।
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आजमगढ़ के अलावा सदर, मेंहनगर, लालगंज, सगड़ी, निजामाबाद और बूढ़नपुर तहसील क्षेत्रों के गांवों में किया गया। माले के वरिष्ठ नेता कामरेड जयप्रकाश नारायण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के नारे के साथ जारी मोदी सरकार का राहत पैकेज दरअसल देशी विदेशी कारपोरेट पूंजी के समक्ष शर्मनाक समर्पण है। 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के नाम पर सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है और किसानों, प्रवासी मजदूरों, गरीबों को झुनझुना के अलावा कुछ भी नहीं मिला है। घर के रास्ते में भूख, जिल्लत और पुलिसिया बर्बरता झेल रहे प्रवासी मजदूरों के साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार हो रहा है और लगातार उनकी मौतें हो रही हैं। भाकपा माले ने मजदूरों किसानों व नागरिकों से कारपोरेट परस्त श्रमिक व गरीब विरोधी तानाशाह सरकार के हर जुल्म के विरुद्ध साहस के साथ उठ खड़े होने का आह्वान किया है। इस मौके पर विजय बहादुर राय, उषा, निधि राय, राजेंद्र प्रसाद, रामजीत, हरिचरन, बृजेश राय, डा. बसंत, प्रकाश, कालिका, फिरतू, सुदर्शन, विनोद सिंह, रणजीत आदि ने अपनी बात रखी। निजामाबाद प्रतिनिधि के अनुसार हाथों में काली पट्टी बांधकर तहसील निजामाबाद पर विरोध दर्ज कराए। भाकपा उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल सदस्य कॉमरेड जितेंद्र हरि पांडेय ने बताया कि सरकार द्वारा अनियोजित लॉक डाउन के चलते मजदूरों को मौत के मुंह धकेल दिए जाने, उन्हें घरों तक पहुंचाने में केंद्र और राज्य सरकार की विफलताओं,श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव आदि को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं।
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