आजमगढ़। पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने चीनी सीमा पर शहीद हुए जवानों के सम्मान में शोक व श्रद्धांजलि दिवस मनाया। शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार चीनी घुसपैठ पर देश को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सैनिक शहीद हो रहे हैं और बार-बार झूठ पर झूठ बोला जा रहा है।
माले नेताओं ने कहा कि सरकार को बताना होगा कि यदि चीनी घुसपैठ नहीं हुई है तो फिर हमारे सैनिक कैसे मरे? क्या मोदी सरकार ने गलवां घाटी चीन को समर्पित कर दिया है? उन्होंने चीनी सामानों के बहिष्कार की घोषणा को जनता को बरगलाने की कोशिश बताते हुए कहा कि मोदी शासन में भारत चीन का नंबर एक सहयोगी बन गया है। माले कार्यकर्ताओं ने सेना को क्षेत्रीय नजरिए से देखने की कोशिश का विरोध करते हुए युद्ध के बजाय शांति स्थापित करने व भारतीय संप्रभुता की रक्षा करने की मांग की। जयप्रकाश नारायण, ओमप्रकाश सिंह, विनोद सिंह, राजेंद्र प्रसाद, बसंत, सुदर्शन, रामजीत, हरिचरन थे।