आजमगढ़। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार दीवानी व फौजदारी अदालतें फिर से नियमित तौर पर खुलेंगी। पीठासीन अधिकारी अदालतों में बैठकर न्यायिक कामकाज निपटाएंगे। गवाही के लिए जिला जज की अनुमति जरूरी रहेगा।
उन्होंने बताया कि अदालतों में अधिवक्ता के अलावा किसी अन्य का प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी दावे, अपील रिवीजन व प्रार्थनापत्रों को केंद्रित करते हुए एक ही कंप्यूटर कक्ष में प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है। कोरोना को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के नए दिशा-निर्देशों के तहत जिला जज, अध्यक्ष ने मंगलवार को सर्कुलर जारी किया है। बताया कि महामारी को लेकर 17 अप्रैल से अदालतों को बंद कर दिया गया था। इसके बाद अर्जेंट मामलों के लिए विशेष अदालतें ही लगाई जा रही थीं।