आजमगढ़। नगर पालिका द्वारा महानगरों की तर्ज पर स्वकर वसूली, नामांतरण शुल्क में अनियमितताओं और अन्य नगरीय समस्याओं के खिलाफ उप्र सभासद एसोसिएशन ने आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला योजना समिति के सदस्य सभासद मोहम्मद अफजल ने मंगलवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
मोहम्मद अफजल ने कहा कि आजमगढ़ मंडल की सबसे छोटी नगर पालिका है, जो तीन तरफ नदियों से घिरी है और सूक्ष्म व लघु उद्योगों से वंचित है। इसके बावजूद पालिका प्रशासन महानगरों की तर्ज पर मनमाना कर वसूल रहा है, जो जनता के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कर प्रणाली की पुनर्समीक्षा और जनहित में कदम उठाने की मांग की। अफजल ने आरोप लगाया कि पालिका शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रही, बल्कि जनता का शोषण कर रही है। मंडल की मऊ नगर पालिका का सर्किल रेट आजमगढ़ के सर्किल रेट से एक-तिहाई से भी कम है।
बदरका वार्ड के पूर्व सभासद तारिक फैसल ने कहा कि पूर्व कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने नियमों का उल्लंघन करते हुए अपूर्ण कोरम के साथ स्वकर प्रणाली लागू की, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वार्ड जालंधरी को इस प्रणाली से बाहर रखा गया और बजट प्रस्ताव के साथ स्वकर को एजेंडा में शामिल करना नियम-विरुद्ध था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपत्तियों को नजरअंदाज कर स्वकर प्रणाली का गजट कर दिया गया।
सभासद संतोष चौहान ने बताया कि उप्र के सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में स्वकर प्रणाली लागू है, लेकिन आजमगढ़ पालिका द्वारा गलत तरीके से निर्धारित दरों से जनता से वसूली हो रही है। शासनादेश में विलंब शुल्क या नामांतरण शुल्क का कोई उल्लेख नहीं है, फिर भी इनके नाम पर धन उगाही की जा रही है। इस मौके पर पूर्व सभासद अनूप श्रीवास्तव, सभासद अरविंद चौहान, दुर्गेश यादव, वीरेंद्र यादव, सुरेश शर्मा, पूर्व सभासद राजीव यादव, शेखर चौधरी और अधिवक्ता नीशिथ रंजन तिवारी मौजूद रहे। सभासदों ने चेतावनी दी कि जब तक स्वकर प्रणाली में सुधार नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।