आजमगढ़। बाहरी प्रदेश से प्रवासियों का अनियमित तरीके से आगमन ने जनपद में कोरोना संक्रमण का खतरा दोगुना बढ़ा दिया है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। इसका नतीजा रानी की सराय में मिले कोरोना पाजीटिव मरीज के रूप में सामने आ चुका है।
गुरुवार को पटियाला से आई श्रमिक स्पेशल में 1234 लोग आए। इससे पहले भी 500 से ज्यादा लोगों को बसों से लाया गया है। पहले इन लोगों को शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वारंटीन रखा जाता था। नये नियमों के तहत इन्हें सीधे होम क्वारंटीन किया जा रहा है। वहीं, इन लोगों को अलावा काफी संख्या में लोग रोजाना पैदल, साइकिल, बाइक और ट्रक से घरों को पहुंच रहे हैं। गांव से इनके बारे में जानकारी मिल जा रही है तो ठीक है अन्यथा ये वैसे ही गांवों में रह रहे हैं। गुरुवार को रानी की सराय में भी एक परिवार ऐसे ही दिल्ली से पहुंच गया। चार पहिया वाहन से ये परिवार दिल्ली से यहां तक आया। किसी को कोई रोका-टोक नहीं है। गांव पहुंचने पर पता चला कि उक्त परिवार का एक सदस्य कोरोना पॉजिटिव है। बृहस्पतिवार को ही एक और कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ गया है। ये स्थिति स्पष्ट करने के लिए काफी है कि जनपद में कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है।
- पुलिस को पहले भी सीमा पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाहर से अपने संसाधनों से आने वालों को रोककर इनके बारे में एसडीएम और सीएचसी प्रभारी को बताने को कहा गया है। एक बार फिर पुलिस को इस बारे में निर्देशित किया जा रहा है।
एनपी सिंह, जिलाधिकारी