आजमगढ़ जनवादी पार्टी की ओर से मेहता पार्क में सोमवार को जनवादी जनक्रांति रैली का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकारों को पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बताया।
मुख्य अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय चौहान ने कहा कि आज मजदूर और किसान दोनों संकट में हैं। सरकारें पूरी तरह से पूंजीवादी शक्तियों के हाथों की कठपुतली बन गई हैं। इसका परिणाम है कि अमीरी और गरीबी का फासला तेजी से बढ़ रहा है।
मजदूर और किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। फिर इस असमानता के कारण सरकार के खिलाफ हथियार उठाकर नक्सली और उग्रवादी गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं। पार्टी का मानना है कि अराजकता लोकतंत्र का अविभाज्य अंग है।
कहा कि समाधानों की तलाश में हलचल दिखाई दे रही है। प्रदेश अध्यक्ष मन्नी सिंह चौहान ने कहा कि तीन और चार अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछड़ी जाति से यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर, और अनुसूचित जाति से चमार और जाटव को बाहर करके सरकारी नौकरियों में भर्ती लेने का आदेश दिया था।
क्योंकि यह सभी जातियां अपनी संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत से ज्यादा सरकारी नौकरियों में भागीदारी प्राप्त कर ली हैं। यदि सितंबर तक उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायपालिका के इस आदेश का अनुपालन नहीं किया तो अक्टूबर में जनवादी कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के खिलाफ जनांदोलन करेंगे। इस मौके पर बालक चौहान, विजय बहादुर चौहान, ओमकार चौहान, दूधनाथ चौहान, राजनाथ चौहान, विनोद चौहान आदि उपस्थित थे।