आजमगढ़। बिजली निगम एक साल से एक उपभोक्ता को 799 करोड़ रुपये का बिजली के बकाया का बिल भेज रहा था। उपभोक्ता की इस परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद निगम ने अपनी गलती को स्वीकार किया। गलत का दुरुस्त कर दिया। वर्तमान में उपभोक्ता का बकाया 799 करोड़ का बिल शून्य कर दिया। उपभोक्ता ने त्रुटिपूर्ण बकाये से राहत मिलने पर अमर उजाला को धन्यवाद कहा है।
बताते चलें कि नगर के आराजीबाग मुहल्ले में साधना राय ने एक साल पहले घर बनवाया। जब वह अपने नए मकान में रहने लगीं, तो उन्होंने अपने नाम से बिजली का कनेक्शन लिया। विद्युत निगम का पहली बिजली बिल 799 करोड़ रुपये का आया तो उनके होश उड़ गए। इसे लेकर वह काफी परेशान हुईं। उन्होंने मौखिक रूप से शिकायत निगम के अधिकारियों से की। जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर उन्हें आश्वासन पर आश्वासन ही मिलता रहा। उनका बिल 799 करोड़ रुपये ही आता रहा। जब उनकी परेशानी की जानकारी अमर उजाला को हुई तो अमर उजाला ने ''22 फरवरी'' के अंक में ''एक साल पहले बनवाया घर, पहला बिल आया 799 करोड़'' शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपते ही विद्युत निगम हरकत में आया। उनके बिजली बिल के दुरुस्तीकरण में जुट गया। एक साल में जो बिल दुरुस्त नहीं हो सका था। चार दिन में निगम ने उस बिल को दुरुस्त कर दिया। पोर्टल पर अब उनका बिजली बिल जीरो दिखा रहा है। इस परेशानी से निजात मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली। अमर उजाला को धन्यवाद कहा।