आजमगढ़। शहर से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर तमसा नदी में गिराने के लिए पठखौली में 42.21 करोड़ से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा है। एसटीपी का निर्माण कर रही जल निगम ने निर्माण पूरा करने के लिए तीन बार समय बढ़ाया। अब 33 माह बाद भी एसटीपी का निर्माण अधूरा है। अब विभाग इसे दिसंबर तक पूरा करने की बात कह रहा है।
तमसा नदी में शहर के 22 नालों का पानी गिर रहा है। इससे नदी का पानी अधिक प्रदूषित हो रहा है। तमसा को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए शासन को एसटीपी और सीवर लाइन के निर्माण के लिए 42.21 करोड़ की डीपीआर भेजी गई थी। इसके मंजूरी मिलने के बाद जल निगम ने जवनरी 2022 में इस पर काम भी शुरू कर दिया। 33 माह में विभाग 92 प्रतिशत ही काम पूरा कर पाया है। जिसके कारण शहर के बड़े 22 नालों का पानी तमसा नदी में गिर रहा है।
6153 घरों के नालियां सीवर लाइन से जुड़ेंगी
एसटीपी का निर्माण पूरा होने के बाद 6153 घरों की नालियों को अभी सीवर लाइन से जोड़ना है। घरों के सामने चैंबर भी बनेंगे। इस कार्य को करने में चार माह से अधिक का समय लग जाएगा। घरों की नालियों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। एसटीपी के मैकेनिकल, वाउंड्रीवाल, मिट्ठी भराई आदि का काम अभी तक बाकी है। संवाद
नपा पर लग चुका है 39.95 करोड़ का जुर्माना
तमसा नदी में बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी बहाने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 47 माह का पांच लाख रुपये की दर से नपा पर 39.95 करोड़ का जुर्माना लगाया है। जिसमें कहा गया है कि नगर पालिका नगर से निकलने वाले 17 नालों का पानी बिना ट्रीटमेंट के ही तमसा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। एनजीटी से 2020 में पांच लाख रुपये प्रतिमाह की दर से क्षतिपूर्ति के लिए 13 अप्रैल 2024 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नपा का उत्तर संतोष जनक न मिलने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पांच लाख की दर से 47 माह का 39.95 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। एसटीपी का 92 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। आगामी दिसंबर माह तक एसटीपी का काम पूरा कर ट्रायल कर लिया जाएगा। सीवर लाइन से 6153 घरों के नालों को चैंबर बनाकर जोड़ा जाएगा। - जियाउल हक, अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय।