आजमगढ़। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में बृहस्पतिवार को मीडिया से वार्ता करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार पांडेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संघर्ष कर पत्रकारों को न्याय दिलाने का कार्य करेगी। इस सरकार में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता करना भी गुनाह हो गया है।
उन्होंने कहा कि सीएएजे (साज) की रिपोर्ट के अनुसार 2017 से लेकर अब तक बीजेपी की सरकार में 12 पत्रकारों की हत्या हुई। 48 पत्रकारों पर शारीरिक हमले हुए, 66 पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ या उनकी गिरफ्तारी हुई और जासूसी संबंधी 12 मामले सामने आए। कमेटी अगेंस्ट असाल्ट आन जर्नलिस्ट्स (साज) के अनुसार 2017 से अब तक पत्रकारों के उत्पीड़न के 138 मामले सामने आए। बीजेपी सरकार में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता करना भी गुनाह है। आजमगढ़ के एक पत्रकार पर केस दर्ज करने का प्रशासन दबाव बना रहा है। सरकार तानाशाही पर उतारू है। कांग्रेस पार्टी हमेशा से स्वतंत्र निष्पक्ष पत्रकारिता की पक्षधर रही है। कांग्रेस पार्टी पत्रकारों के साथ हो रहे अन्याय पर अब चुप नहीं बैठ सकती। पूर्व में भी जब जब पत्रकारों के साथ अन्याय हुआ कांग्रेस पार्टी ने संघर्ष कर पत्रकारों को न्याय दिलाने का कार्य किया है। वर्तमान मे बलिया जनपद के तीन पत्रकारों अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता द्वारा पेपर लीक मामले को उजागर करने पर फर्जी एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया गया। लोकतांत्रिक देश में जेल में बंद पत्रकारों से किसी को मिलने की भी इजाजत भी नहीं हैं। उप्र सरकार के इशारे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को भी जेल प्रशासन ने विगत दिनों पत्रकारों से मुलाकात नहीं करने दिया था। आजमगढ़ कांग्रेस बलिया के पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी में है। बलिया के पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।