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...तो नहीं जलेगा दशानन, स्थगित हुए पुतला दहन

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आजमगढ़। मूर्ति स्थापना की तरह ही रावण, मेघनाद और कुंभरकरण के पुतले के दहन को लेकर भी लोग असमंजस में हैं। क्योंकि जिला प्रशासन की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। वहीं कई जगहों पर लोगों ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया है।
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दशहरे पर रावण दहन का कार्यक्रम देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस पर भी असर पड़ता दिख रहा है। पहले मूर्ति की स्थापना को लेकर जहां पूजा समितियों के लोग असमंजस में पड़े थे। क्योंकि शासन और प्रशासन की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं हुआ था। लेकिन अंतिम समय में मूर्ति स्थापना की अनुमति मिली। लेकिन वहीं अब तक रावण पुतला दहन को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है। आयोजनकर्ता लगातार प्रशासन के संपर्क में हैं लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पुरानी कोतवाली श्री रामलीला समिति पुरानी कोतवाली के सचिव विभाष सिन्हा ने कहा कि हम लोगों के द्वारा प्रतिवर्ष दशहरे के दिन पुतला दहन का कार्यक्रम होता था, लेकिन इस बार कोरोना को देखते हुए हमने इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है।
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सब्जी मंडी पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन करने में महत्वूर्ण निभाने वाले शंकर सुमन उपाध्याय ने कहा कि हम लोग प्रशासन के पास अनुमति के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से अनुमति प्रदान नहीं की गई है। यहां से प्रतिवर्ष रथ निकाला जाता था जो बिहारी जी मंदिर तक जाता था। कोरोना को देखते हुए इसे भी स्थगित कर दिया गया है।
आराजीबाग मुहल्ला निवासी पूर्व प्रधानाचार्य जगदीश सिंह ने बताया कि हर वर्ष पुतला दहन की अगुवाई एक सेठजी का परिवार करता था। इस बार उनका पूरा परिवार कोरोना से पीड़ित हो गया था। अभी तक कस्बे में इसकी कोई हलचल नहीं दिखाई दे रह है। नहीं तो अब तक इसके लिए चंदा एकत्रित करने के लिए लोग मुहल्ले में जरूर आए होते। इसे देखते हुए नहीं लगता कि इस बार आयोजन होगा।
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