देवगांव कोतवाली और लालगंज तहसील क्षेत्र के सरायखुरसों गांव के राजभर और यादव बस्ती के लोग नाली निर्माण को लेकर रविवार की शाम तहसील प्रशासन के सामने ही भिड़ गए। संघर्ष में दोनों पक्षों के 12 लोग घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल भेजा गया। मनबढ़ों ने नायब तहसीलदार के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस देर रात तक मौके पर मौजूद थी।
लालगंज तहसील के सरायखुरसों गांव में पहले राजभर बस्ती पड़ती है, उसके बाद यादव बस्ती है। गांव में जाने वाला रास्ता काफी खराब है। यादव बस्ती के लोगों ने क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने की पहल की। काम भी शुरू हुआ। लेकिन राजभर बस्ती के लोगों ने यह कहते हुए रास्ते का निर्माण रुकवा दिया कि सड़क के साथ नाली भी बने वरना उनके घरों का पानी कहां बहेगा।
यह विवाद तहसील तक पहुंचा तो एसडीएम लालगंज ने नायब तहसीलदार विनय प्रभाकर को मौके पर भेजा। रविवार की शाम नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स से पहले गांव पहुंच गए। उनके पहुंचने पर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
इसमें यादव बस्ती के रामाधार (50) पुत्र बजई, विनोद यादव (25) पुत्र चंद्र देव, प्रमोद यादव (15) पुत्र रामअधार, साधना (13) पुत्री शिवमूरत यादव घायल हो गईं। जबकि राजभर बस्ती के सूरज (15) पुत्र अमरदेव राजभर, महानंद राजभर (16) पुत्र शमशेर, जिवता (35) पत्नी हुबई राजभर, मीना (45) पत्नी अमरदेव, धर्मवीर (18) पुत्र सूबेदार राजभर, बबलू राजभर (20) पुत्र रामअधार, राजू (18) पुत्र सूबेदार और चंद्रकला (15) पुत्री सुनील घायल हुई।
घटना के दौरान नायब तहसीलदार के वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया। बवाल के बीच कोतवाली प्रभारी देवगांव ओपी सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए और लोगों को शांत कराकर घायलों को अस्पताल भेजा। नायब तहसीलदार विनय प्रभाकर ने बताया कि मौके पहुंचकर उन्होंने कागजात देखना शुरू किया, तभी राजभर बस्ती के लोग सड़क खोदने लगे।
मना करने पर भी नहीं माने, इस बीच यादव बस्ती के लोगों ने विरोध किया तो मारपीट हो गई। कोतवाली प्रभारी देवगांव ओपी सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार फोर्स के बगैर ही पहुंच गए थे। पुलिस ने मामले को शांत करा दिया। बवाल के बाद मौके पर पहुंचे सीओ लालगंज एनके ओझा ने कहा कि दोनों पक्षों ने तहरीर दी है। जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।