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अधिवक्ता के परिजनों को मुआवजा और परिजनों को मिले सरकारी नौकरी

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गिरफ्तार अधिवक्ता शैलेश सिंह उर्फ धीरज की 25 दिसंबर को बीएचयू में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इससे अधिवक्ता समुदाय में उबाल है। बुधवार को नौवें दिन अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करके अपना रोष जताया और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।
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तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि अधिवक्ता शैलेश सिंह उर्फ धीरज सिंह पर चुनावी रंजिश में गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। उनकी गिरफ्तारी की गई। न्यायिक अभिरक्षा में जेल जाने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई तो उचित इलाज की व्यवस्था नहीं की गई। उनकी जान चली गई। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है। संचालन मंत्री प्रेमचंद ने किया। उसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा, मामले की न्यायिक जांचकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और मृत अधिवक्ता के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम अनिल कुमार चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष नागीश चंद्र मिश्र, सह मंत्री मांता प्रसाद यादव, सतीश कुमार यादव, श्रीपति यादव, आलोक कुमार यादव, बृजेश सिंह, सुरेंद्र यादव, राम अजोर यादव, पूर्व मंत्री उमेश सिंह आदि उपस्थित थे।
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