निजामाबाद (आजमगढ़)। कस्बा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में आयोजित तीन दिवसीय गुरुमत समागम एवं सालाना जोड़ मेला रविवार को गुरु ग्रंथ साहिब पाठ की समाप्ति एवं गुरुवाणी के साथ संपन्न हुआ। फिर मिलने के वादे के साथ विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से आई संगतें घरों को वापस लौट गई। रविवार को गुरुद्वारों में कई लोगों को शरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। हजारों लोगों ने अटूट लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। ‘वाहे गुरुजी का खालसा वाहे गुरुजी की फतेह’ के जयकारे से क्षेत्र गूंजता रहा।
ऐतिहासिक गुरुद्वारा चरण पादुका साहिब में पिछले वर्ष कोविड-19 की वजह से कार्यक्रम नहीं हो पाया था। इस वर्ष गुरमत समागम गुरु तेग बहादुर साहिब के 400वें में प्रकाश उत्सव को समर्पित था। हजारों की संख्या में लोगों ने श्रद्धाभाव से गुरुग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक कर अपने परिवार की समृद्धि की मनोकामना की। गुरमत समागम के आखिरी दिन लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला कैंपस में जगह-जगह मिट्टी के बर्तन की दुकानें, खिलौनों की दुकान, चाट-गोलगप्पे की दुकानें लगाई गई थी। इसका लोगों ने लुत्फ उठाया।
रविवार को सुबह 11 बजे श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए दीवान हाल में पहुंचे। गुरुग्रन्थ साहिब को पालकी में रखा गया। शब्द कीर्तन एवं गुरुवानी का पाठ रागी जत्थों ने किया। आगरा से आए संत बाबा प्रीतम सिंह का सभी ने आशीर्वाद लिया। बाबा प्रीतम सिंह और ग्रंथी बाबा सतनाम सिंहने अधिकारियों, समाजसेवियों एवं शिक्षकों को सरोपा भेंट किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष लालगंज ऋषिकांत राय, सूरज प्रकाश श्रीवास्तव,नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमा यादव, ईओ प्रहलाद पांडेय आदि का सम्मान किया गया। इस मौके पर जसविंदर सिंह सोनी वाराणसी, जसप्रीत सिंह राजा इलाहाबाद ,जगबीर सिंह बस्ती वाले, अवतार सिंह छाबड़ा रायबरेली, रंजीत सिंह बंटी जालंधर, जसपाल सिंह गोरखपुर ,जगदीश सिंह सलूजा, परमजीत सिंह चावला आदि रहे। सुरक्षा की दृष्टि से काफी संख्या में फोर्स तैनात रही।