आजमगढ़। वेतन और अन्य मांगों को लेकर जिले सभी सहकारी समितियों के 250 सचिवों ने एआर कोआपरेटिव कार्यालय में शुक्रवार को अपना सामूहिक इस्तीफा भेज दिया और काम करना बंद कर दिया है।
इससे समितियों से संबंधित 30 हजार किसानों की कर्जमाफी का कार्य अटक गया है। जिलाधिकारी ने 15 अक्तूबर तक कार्य प्रारंभ न करने वाले सचिवों और कर्मचारियों पर रिपोर्ट कराने के निर्देश एआर कोआपरेटिव को दिया है।
वेतन और अन्य मांगों के लेकर जिले की लगभग 250 सहकारी समितियों के सचिव और स्टाफ ने काम बंद कर दिया। सभी ने अपना सामूहिक इस्तीफा एआर कोआपरेटिव में कार्यालय में भेज दिया।
एआर कोआपरेटिव राम किंकर दुबे ने सभी इस्तीफों को अध्यक्ष के पास लखनऊ भेजते हुए पत्र के माध्यम से सभी को अवगत करा दिया था कि इसे वहां भेजिए जिसने आपकी नियुक्ति की है।
इस बीच प्रदेश सरकार की ओर से समितियों से भी फसली ऋण लेने वाले किसानों को फसल ऋण मोचन योजना का लाभ देने का निर्णय ले लिया गया। जिले के 30 हजार किसानों से विभिन्न समितियों से 22 करोड़ रुपये का फसली ऋण ले रखा है जो माफ होना है।
इसकी फीडिंग नवंबर में पूरी करनी है। किसानों की फीडिंग फंसी तो मामले को लेकर एआर कोआपरेटिव जिलाधिकारी के पास पहुंचे। सारी स्थिति से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने सभी सचिव और स्टाफ के 15 अक्तूबर तक कार्य पर नौ लौटने की दशा में एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला सहकारी बैंक के सचिव और स्टाफ के हड़ताल पर जाने से फसल ऋण मोचन योजना के अंतर्गत किसानों के ऋण माफी का कार्य अवरुद्ध चल रहा है। सिर्फ मऊ और आजमगढ़ में ही ये हड़ताल पर हैं। 15 अक्टूबर तक समस्त कर्मचारीगण कार्य प्रारंभ नहीं करते हैं तो सहायक निबंधक सहकारी समितियां को इन पर एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी, चंद्र भूषण सिंह