आजमगढ़। कमीशनखोरी पर अंकुश लगाने के लिए शासन स्तर से बड़ा निर्णय लिया गया है। बेसिक स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म का पैसा अभिभावकों के सीधे खाते में आएगा। इसके लिए शासन ने शिक्षा विभाग को अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए है। जिसके बाद से शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से कुल 2702 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे। जिसमें 1737 प्राथमिक, 484 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 481 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें करीब 411727 बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से हर साल बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते मोजे, स्वेटर आदि का वितरण किया जाता है। शासन ने कमीशन खोरी पर लगाम कसने के लिए बच्चों को दी जाने वाली यूनिफॉर्म का पैसा अब उनके अभिभावकों के खातों में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है। इससे पहले तक यूनिफार्म का पैसा स्कूल के खाते में जाता था। जिससे अक्सर बच्चों की यूनिफार्म की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यूनिफॉर्म का पैसा भेजने से पहले शासन ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह अभिभावकों के खाते अपडेट कर ले, ताकि उनके खातों में समय से पैसा ट्रांसपर किया जा सके। 15 जुलाई तक अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म का पैसा पहुंच जाएगा। इसके बाद जो पैसा शासन से आएगा उसी से बच्चे अपनी यूनिफॉर्म सिला सकेंगे।
यूनिफॉर्म की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल पर अब पूर्ण रूप से विराम लगेगा। शासन ने अभिभावकों के खाते अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। यूनिफॉर्म का पैसा बच्चों के अभिभावकों के खाते में पहुंचाया जाएगा। 15 जुलाई तक यूनिफॉर्म का पैसा आने की उम्मीद है।
अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।