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पांच दिनों तक जनपद में छाई रहेगी बदली

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आजमगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा पर संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा योजना के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आने वाले पांच दिनों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने के आसार हैं। इससे मौसम का औसत तापमान 20 डिग्री से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान आद्रता 67.86 प्रतिशत के बीच रहेगी।
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10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलने की संभावना है। कृषि वैज्ञानिक डा. केएम सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि सरसो में लगने वाले माहू कीट से बचाव के लिए इमीडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल दवा की 250 मिली मात्रा को 600-700 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर की दर से शाम के समय छिड़काव करें। यह समय प्याज की रोपाई का उपयुक्त समय चल रहा है। अत: प्याज की रोपाई समय से कर लें। उन्होंने कहा कि सर्दियों में पशुओं के थन चिपट जाते हैं। दूध निकलने वाले छिद्र से संक्रमण होने की संभावना रहती है अत: दूध दुहने के बाद जीवाणुनाशक मरहम या मक्खन अवश्य लगा दें।
पछुआ हवाओं से बढ़ी गलन, सड़कों पर रेंगते रहे वाहन
आजमगढ़। बूंदाबादी के बाद रविवार को मौसम ने फिर करवट बदली और सुबह कोहरे के बाद पूरे दिन बदली छाई रही। जिसके कारण पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। वहीं तेज चल रही पछ़ुआ हवाओं के कारण शनिवार की अपेक्षा गलन में इजाफा दर्ज किया गया।
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार को मौसम का अधिकतम 20 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लंबे समय से बारिश और बादलों के बाद अब मौसम पूरी तरह बदल गया है। रविवार को जनपद में सुबह के समय कोहरे ने अपनी चार फैलाई हुई थी। जिसके कारण सड़कों पर तेजी से फर्राटा भरने वाले वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए। लगभग दो दिन जनपद में हुई बूंदाबादी के बाद गलन कम हुई, लेकिन रविवार को कोहरे के बाद बदली एक बार फिर से गलन में इजाफा किया।
हालांकि यह गलन पिछले दिनों की तुलना में कम रही। छुट्टी का दिन होने के कारण बहुत से लोगों ने घरों में ही दुबकने में अपनी भलाई समझी। वहीं जब कोहरा छंटा तो उसकी जगह बदली ने ले ली। बदली के कारण पूरे दिन सूर्य बादलों की ओट में छिपा रहा। बीच में एक बार सूर्य ने अपनी आंखें खोली। इसके बाद फिर वह बादलों में छिप गया। इसके बाद फिर नहीं निकला।
कोहरे और बदली के बीच चल रही पछुआ सर्द हवाओं के कारण लोग बेचैन रहे। हालांकि मौसम के पारे में ज्यादा गिरावट नहीं दर्ज की गई, लेकिन ठंड बढ़ने से हर कोई परेशान रहा। बहुत से लोग अलाव के पास बैठे शरीर को गर्म करते हुए देेखे गए। बिंद्रा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग पर कोहरा सुबह दिन में 10 बजे तक छाया रहा। जिससे आजमगढ़-वाराणसी मार्ग व आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर गाड़ियों की रफ्तार में कमी आई। सड़कों पर चलने वाले लोग भी बहुत कम दिखे। कोहरा इतना ज्यादा था कि सामने आने वाले व्यक्ति को देख पाना बड़ा मुश्किल था।
खेत पर खाद डालने गये किसान की मौत
ठेकमा। बरदह थाना क्षेत्र के ठेकमा गांव निवासी 50 वर्षीय रूपचंद पुत्र स्व. विरोधी शनिवार की शाम खेत में गेहूं की फसल में खाद डालने गया था। इसी दौरान वह खेत में ही गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसे खोजने के लिए खेत पर पहुंचे। रूपचंद खेत में ही गिरा हुआ था और उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने ठंड से मौत की आशंका जतायी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक तीन पुत्र व दो पुत्रियों का पिता था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है।
मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों में घने कोहरे, धुंध और बर्फीली हवाओं के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कोहरे की धुंध और गलन ने हर किसी की भाग दौड़ भरी जिंदगी पर ब्रेक लगा दिया है। इसके चलते लोग बेहाल हैं। दिन में 10 बजे तक रजाई में रहने के लिए लोग मजबूर हैं। गलन इतनी बढ़ गई है कि शाम होते ही लोग घरों में दुबक जाते हैं। ठंड के चलते गले में खरास, खांसी, जुकाम होना आम बात हो गई है। सीएचसी के डाक्टर मोहम्मद अजीम ने कहा कि ठंडक से लोग बचें। घरों में उबाल कर गरम पानी पिएं, बाहर जब भी निकलें पूरे बदन को ऊनी कपड़ों से ढ़ककर निकलें। हाथ में दस्ताना, पैर में मोजा और मफलर से कान को अवश्य ढ़कें। हार्ट और शुगर के मरीज इस ठंडक से खास तौर से बचें।
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