34 कोहरे के बीच हेडलाइट जलाकर चलते वाहन। संवाद
आजमगढ़। मौसम में परिवर्तन का दौर लगातार जारी है। मंगलवार की शाम मौसम साफ होने से रात को घना कोहरा छाया रहा। तेज हवाएं चलीं। बुधवार सुबह दिन में हल्की धूप निकलने से फिर शाम को घना कोहरा छा गया। दिन में सड़कों पर चहलपहल रही। शाम को सड़कें शांत हो गईं।ठंड से जनजीवन प्रभावित रहा। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मौसम और कोहरा आलू और सरसों की फसल के लिए नुकसानदेह है।
जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री तो न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बृहस्पतिवार को मौसम विभाग ने अधिकतम-न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की गिरावट का आशंका जताई है। मौसम विभाग की ओर से तीन दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे का अनुमान है। सुबह हल्की धूप से ठंड से थोड़ी राहत मिली। सुबह नौ बजे से सूर्य बादलों की ओट से निकलने की कोशिश कर रहे थे पर 11 बजे के बाद हल्की धूप निकली। लोग बाहर धूप सेंकते नजर आए। दो बजे के बाद धूप में गर्माहट की तासीर कम हो गई। शाम होते ही कोहरे के कारण सभी लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
बदली भरे मौसम से सरसों पर माहो का प्रकोप
बादल से घिरा वर्तमान मौसम दलहनी, तिलहनी और आलू की फसल के लिए नुकसानदायक है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को इस मौसम में प्रबंधन की सलाह दी है। खासकर यह मौसम पिछेती आलू की फसल के लिए विशेषकर नुकसानदायक है। ऐसे मौसम में झुलसा रोग लगने की प्रबल आशंका रहती है। वर्तमान में आलू की फसल अंतिम दौर में है। अक्सर नए वर्ष या मकर संक्रांति तक नए आलू की खोदाई शुरू हो जाती है। इस फसल के अंत समय में बादल छाए रहने से पिछैती आलू की फसल पर झुलसा रोग लगने की आशंका रहती है। ऐसे में किसान फफूंदनाशक दवा का तुरंत छिड़काव करें। शाम को सिंचाई न करें। सरसों की अगैती फसल में दाने लगने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में वर्तमान बादलों भरा मौसम अगर कई दिन बना रहे तो माहो कीट के लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में किसानों को तत्काल दवा का छिड़काव करना चाहिए।
अगले दो तीन दिन पूर्वांचल में घना कोहरे होने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर जरूरी न हो तो बाहर न निकलें। अतुल कुमार सिंह, प्रभारी राज्य मौसम विभाग।