आजमगढ़। शहरी क्षेत्र में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जब संक्रमण नहीं या कम था तो नपा प्रशासन शहर में दोनों वक्त साफ-सफाई करवाती थी, लेकिन जब संक्रमण की रफ्तार बढ़ा तो नपा ने अपनी कवायद को कम कर दिया। प्रशासनिक अमले की सख्ती व नोडल अधिकारी के आगमन ने नपा की सुस्त हुई व्यवस्था में कुछ सुधार लाया है। दोनों वक्त सफाई के साथ ही चूने का भी छिड़काव कराया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में प्रशसनिक अमले की सख्ती पर नपा प्रशासन ने अपनी सफाई व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार किया था। तत्कालीन डीएम की सख्ती से शहर की साफ-सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हो गया था। नपा की टीम दोनों वक्त सड़कों पर उतरती थी। झाडू लगता था और कूड़ा भी उठाया जाता था। लेकिन चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात। पहले शाम के पाली की सफाई व्यवस्था बंद हुई तो फिर कूड़ा उठान में भी लापरवाही होने लगी। इस बीच शहर क्षेत्र में कोरोना के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा। वहीं नपा की सफाई व्यवस्था पर लोग अंगुली उठाने लगे। शहर की सफाई व्यवस्था की शिकायत होने लगी। इस बीच स्वच्छता रैकिंग जारी हो गई। इसमें नगर पालिका परिषद आजमगढ़ पूर्वांचल के नगर पालिकाओं में सबसे नीचे की रैकिंग में आया। वहीं, बृहस्पतिवार से जनपद के नोडल अधिकारी के रविंद्र नायक का जिले में कार्यक्रम था। इसे देखते हुए नपा प्रशासन ने एक बार फिर शहर में दोनों वक्त साफ-सफाई कराई गइग्। इतना ही नहीं शहर के सभी चौराहों व तिराहों पर चूने का भी छिड़काव कराया जा रहा है।
फिलहाल दोनों वक्त के साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं शुरू हुई है। कोविड-19 को देखते हुए दो दिन शहर में दोनों वक्त झाडू लगवाया गया। वहीं चूने व दवा का भी छिड़काव हुआ है। - महेंद्र यादव, सफाई इंस्पेक्टर, नपा आजमगढ़