नगर पालिका परिषद के आठ वार्डो में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत कार्य करने वाले सफाईकर्मी मंगलवार को पुन: हड़ताल पर चले गए। सफाई कर्मचारियों ने आत्मदाह की चेतावनी देते हुए नपा गेट के सामने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन भी किया। सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय पर आत्मदाह की भी चेतावनी दी है।
मंगलवार की सुबह 10 बजे ही सफाई कर्मचारी नगर पालिका पर जुटने लगे थे। पहले तो सफाई कर्मचारियों ने सफाई निरीक्षक समेत अन्य से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने को कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर वे भड़क उठे। इसके पश्चात सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका गेट के सामने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सफाई कर्मचारियों का नेतृत्व कर रही उषा देवी ने कहा कि लगभग पांच माह का मानदेय बकाया हो गया है। अब तो हालत भूखों मरने की हो गई है। कोटेदार छह माह से बकाया होने के चलते अब राशन भी नहीं दे रहे हैं। उधर जाम की जानकारी होते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और समझा बुझाकर जाम समाप्त करवाया।
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि पूर्व के ठेकेदार के यहां नवंबर से जनवरी 3 माह का मानदेय बकाया है। पिछले हड़ताल के बाद मात्र एक माह नवंबर का भुगतान किया गया। वहीं फरवरी, मार्च का भुगतान नगर पालिका प्रशासन को करना है तो अप्रैल माह का भुगतान नए ठेकेदार द्वारा किया जायेगा।
पैसा न मिलने से भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जब तक संपूर्ण बकाए का भुगतान नहीं होता कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में विजय कुमार, दीपक, महिमा, मंगल, नीरज, संगीता, मुन्नी, सुमन, अजय, करन, संजय, चनौती, लीला समेत 90 सफाई कर्मचारी शामिल रहे।