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Azamgarh News: दावा 18 घंटे का, 12 से 13 घंटे ही मिल रही बिजली

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आजमगढ़। सूरज की तपिश के बीच अब बिजली भी धोखा देने लगी है। अधिकारी भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 18 और तहसील मुख्यालयों पर साढ़े 21 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहे हों लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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दो दिनों से अधिकतम तापमान 42 तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। तेज धूप के कारण लोग परेशान हो जा रहे। गर्मी से राहत पाने के लिए एक मात्र सहारा बिजली ही है, लेकिन बिजली न रहने से कूलर, पंखे नहीं चल पा रहे हैं। गर्मी बढ़ने से बिजली की डिमांड भी 420 मेगावाट तक पहुंच जा रही है। वितरण खंड मुबारकपुर, लालगंज, फूलपुर, कप्तानगंज, सगड़ी के अंतर्गत आने वाले गांवों में यही हाल है। कप्तानगंज क्षेत्र के रामहरख यादव, घनश्याम सिंह, मेवालाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली दिए जाने का निर्देश है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। जो बिजली मिल रही वह रात में ही मिल पा रही है। दिन में तो बिजली गायब रहती है।
बरदह: विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को इन दिनों लगभग 12 से 13 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। क्षेत्र में जीवली, बड़गहन, बहादुरपुर और राजागंज समेत कुल पांच फीडरों के माध्यम से सप्लाई दी जा रही है। जेई आतिश यादव ने बताया कि विभागीय स्तर पर रोस्टिंग (निर्धारित कटौती) के चलते बीच-बीच में बिजली बाधित हो रही है।
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अहरौला: क्षेत्र में रेड़हा व गोपालगंज सब स्टेशनों से विद्युत आपूर्ति की जाती है। रेड़हा की बिजली बार- बार ट्रिप कर रही है। लगभग 14 घंटे बिजली मिल पा रही है। गोपालगंज से आपूर्ति होने वाली बिजली रात में ज्यादा कट रही है।
तहबरपुर: सब स्टेशन सोफीपुर से टिकापुर, रैसिंहपुर, तहबरपुर, बीबीपुर आदि गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। टिकापुर के ग्रामीण नवीन राय, बिट्टू यादव, योगेंद्र ने बताया कि गर्मी में लगभग 12 घंटा ही बिजली मिल पा रही है।
पिघलकर गिर जा रहे तार -अतरौलिया। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 18 घंटे और नगरीय क्षेत्र में साढ़े 21 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन गर्मी के शुरूआत में ही बिजली बेपटरी हो गई है। शशिकांत सोनकर, गोपाल गुप्ता, लक्ष्मण सोनी ने बताया कि कस्बा में कई जगह बिजली के तार पिघलकर गिर जा रहे हैं। मरम्मत के नाम पर कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। लोगों को मुश्किल से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
पूरे दिन गायब रहती है बिजली-मेंहनगर/ फरिहा। उपकेंद्र मेंहनगर से आपूर्ति होने वाली बिजली सुबह सात बजे कट जा रही है। इसके बाद दिन में बिजली के दर्शन नहीं हो रहे हैं। शाम को छह बजे के बाद बिजली आ रही है। दिन में करीब 11 घंटे लोग बिना बिजली के रह रहे हैं। फरिहा, बिंद्राबाजार क्षेत्र में उपकेंद्र मोहम्मदपुर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। बघौरा इनामपुर, अबू सैदपुर, विसुनपुर, हुसामपुर बड़गांव, मैनपारपुर आदि गांवों में 11 से 12 घंटे ही बिजली दी जा रही है। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिन में बिजली कटौती सबसे ज्यादा है। यही हाल बिंद्राबाजार है। दिन में तो बिजली नहीं मिल पा रही है।

गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है। शेड्यूल के अनुसार ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। दिन में हवा भी तेज चल रही है। शॉर्ट सर्किट की घटनाएं न हों इसके लिए कुछ समय के लिए दिन में आपूर्ति बंद कर दी जाती है। अगर कहीं फाल्ट आ रहा है तो उसे सही करने के लिए भी शटडाउन लेना पड़ रहा है। राधेश्याम यादव, अधिशासी अभियंता
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