जिले में इंटर, मंडल में डिग्री काॅलेज खोलने पर मंथन
विकलांग जनकल्याण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
बैठक में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा हाथ पैर से स्वस्थ लोगों को पांच सौ रुपये और विकलांगों को तीन सौ रुपये पेंशन दी जाती थी। जिसे प्रदेश सरकार ने बढ़ाकर पांच सौ कर दिया है। दिव्यांगों के लिए हर जिले में इंटर कालेज और कमिश्नरी में डिग्री कालेज खोलने के लिए सरकार विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकलांग जनकल्याण का नाम बदलकर दिव्यांग जनसशक्तिकरण विभाग किया जा रहा है। इसे बदलने की संस्तुति मुख्यमंत्री द्वारा दे दी गई है। जिस तरह किसानों के कर्ज माफ किए गए थे, उसी तरह दिव्यांगों के भी कर्ज माफ किए जाएंगे। प्रदेश में 6821 दिव्यांगों ने दूकान के नाम पर लोन लिया था। इसमें से 3 करोड़ 88 लाख रुपया बाकी है। जबकि दिव्यांगजनों ने लोन का एक करोड़ 60 लाख रुपया जमा भी कर दिया है। इनकी कर्ज माफी के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर पिछड़ी जाति के बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।
पिछली सरकार के द्वारा जो फार्म भराए गए थे, उनमें से 96 हजार ऐसे बच्चे हैं जो छात्रवृत्ति की पात्रता में हैं, इसके बाद भी उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिली। सरकार बजट बढ़ाकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह इन्हें भी छात्रवृत्ति दी जाएगी।