विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर विद्युत
कर्मचारियों ने शनिवार को सिधारी स्थित मुख्य अभियंता के कार्यालय पर
प्रदर्शन कर धरना दिया।
धरना सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने अध्यक्ष उत्तर
प्रदेश पावर कारपोरेशन को संबोधित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्य
अभियंता को सौंपा।
धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि जनवरी 2000 में हुए
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के समझौते का पालन करते हुए
सरकार उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद को पुन: बहाल करे।
विद्युत उपभोक्ताओं,
उत्पादन और पारेषण में बड़ी क्षमता के आधार पर नए पद सृजित करते हुए दो लाख
कर्मचारियों की भर्ती सुनिश्चित की जाए।
इन पदों पर संविदा में कार्यरत
श्रमिकों/छंटनीशुदा, कार्यरत मस्टरोल, टेंपरौरी मस्टरोल और पार्ट आईम
स्वीपर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति की जाए।
ठेकेेदारी
व्यवस्था समाप्त करते हुए कार्यरत संविदा कर्मियों को सीधे विभाग से नियमित
के बराबर वेतन भुगतान किया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन का भुगतान
ट्रेजरी से राज्य सरकार करे।
सभा के बाद कर्मचारियों ने मांगों का ज्ञापन
मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सैय्यद मनौव्वर अली, रामअवध
यादव, राजनारायण सिंह, लालचंद यादव, राजनाथ सिंह, शिवमंगल यादव, रामकुमार
यादव, महावल मौर्या, रामकिशुन यादव, सतीशचंद्र आदि मौजूद रहे।