अहरौला के फरीदपुर में लगी चौपाल में मौजूद चकबंदी अधिकारी। संवाद
अहरौला। तहसील फूलपुर के फरीदपुर गांव में करीब 50 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित चल रही है। शुक्रवार को चकबंदी अधिकारी गांव में पहुंचे और काश्तकारों से संवाद स्थापित कर समस्याओं को जाना और उसे दूर करने की बात कही।
गांव में 1972 से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी, गांव के ही अजय बहादुर सिंह जिनकी मौत हो चुकी है उन्होंने हाईकोर्ट से अष्टगन आदेश लिया था। इसके कारण चकबंदी का मामला लंबित चला रहा। डीएम के निर्देश पर चकबंदी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एसीओ राधेश्याम वर्मा, चकबंदी राजस्व निरीक्षक जितेंद्र, लेखपाल सतीश सिंह गांव में पहुंचे। वहां सभी किसानों से बात की और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरी कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संजय सिंह, आलोक कुमार सिंह, धर्मेंद्र राजभर, घनश्याम आदि किसान मौजूद थे। सहायक चकबंदी अधिकारी राधेश्याम वर्मा ने बताया कि एक महीने में चकबंदी की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कास्तकारों को उनके चक पर काबिज करा दिया जाएगा। अनियमिताओं को दूर करते हुए पारदर्शी व निष्पक्ष प्रक्रिया से चकबंदी कराई जा रही है।