रौनापार थाना क्षेत्र के केवटहिया में दो दिन पहले तक चरित्तर की मौत को स्वाभाविक बता शासन को रिपोर्ट भेजने वाला पुलिस-प्रशासन रविवार को ही अपने बयान से पलट गया। रविवार को कलक्ट्रेट में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान डीएम और एसपी ने बताया कि चरित्तर की मौत भी जहरीली शराब से ही हुई थी। अन्य लोगों ने भी उसी के घर पहुंच कर जहरीली शराब पी थी।
केवटहिया गांव में गुरुवार रात को जहरीली शराब के सेवन से 10 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने इसमें चरित्तर और रामवृक्ष की मौत को स्वाभाविक बताते हुए पोस्टमार्टम कराने से इंकार करा दिया था। शव को परिजनों के सुपुर्द कर अंतिम संस्कार करा दिया था। डीएम और एसपी की ओर से इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई थी। वहीं, जहरीली शराब के सेवन से गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती लोगों ने बताया था कि उन्होंने चरित्तर और रामवृक्ष के साथ ही शराब पी थी।
भाजपा ने ने इस रिपोर्ट पर एतराज जताया था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था। खबर के बाद पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठने लगी थी। रविवार को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सवाल पूछने पर डीएम और एसपी ने अपने पूर्व के बयान से पलटी मार ली। बताया कि चरित्तर की मौत भी जहरीली शराब से हुई थी। उसी के घर पर अन्य लोगों ने जहरीली शराब का सेवन किया था।