आजमगढ़। संयुक्त सचिव राष्ट्रीय आपदा प्रबंध प्राधिकरण रमेश कुमार गंटा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने शनिवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ की क्षति के सत्यापन के संबंध में बैठक ली। डीएम राजेश कुमार ने बताया कि तहसील सगड़ी क्षेत्र में बाढ़-अतिवृष्टि से 195 ग्राम प्रभावित हुए हैं। राहत-बचाव के लिए 20 बाढ़ चौकियां, पांच राहत शिविर, 20 राहत वितरण केंद्र, 301 नावों का संचालन किया गया।
बाढ़ में 246.302 हेक्टेयर कृषि भूमि कटान से प्रभावित हुई है। 11307.977 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई है। 20 पूर्णत: क्षतिग्रस्त पक्के मकान, दो अधिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान, 325 आंशिक क्षति कच्चे मकान, 156 क्षतिग्रस्त झोपड़ियां प्रभावित हुई है। इनसे कुल 36.94 लाख की क्षति हुई है।
सार्वजनिक परिसम्पत्तियों 21 विद्यालय, एक पुलिया, टेकनपुर, जोकहरा, गांगेपुर मठिया में दो तटबंध क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे 1406.866 लाख की क्षति हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि तटबंध को बनवा दिया गया है, पुलिया को अस्थाई रूप से ठीक कराया गया है। बाढ़ से 53 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। संयुक्त सचिव ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त हुए सड़कों की मरम्मत एवं पैच का कार्य कराएं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से 8424 हेक्टेयर धान और 2879 हेक्टेयर गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। धान एवं गन्ने की लगभग 90 से 95 प्रतिशत नष्ट हो गई है। जिन-जिन कृषकों के फसलों की क्षति हुई है, उनकी रिपोर्ट मांगी। जिन-जिन कृषकों का 50 प्रतिशत क्षति हुई है, उनको क्षतिपूर्ति बीमा कंपनी से समन्वय बनाकर तत्काल दिलाने को कहा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हैंड पंप के प्लेटफार्म बनवाने को कहा। सिंचाई एवं बाढ़ खंड के एक्सईएन को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जितने भी नहरें है, उनकी सूची उपलब्ध कराएं। केन्द्रीय टीम रविवार को सुबह नौ बजे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेगी।