आजमगढ़। कोरोना संक्रमण काल के दौरान मास्क लगाने को लेकर शहर के आसिफगंज क्षेत्र में सराफा व्यापारी व तत्कालीन एसडीएम सदर व सीओ सिटी के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान अधिकारियों ने व्यापारी को अमानवीय तरीके से गाड़ी में लाद कर कोतवाली भेज दिया था। इस प्रकरण में पीड़ित व्यापारी ने हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया था। इसमें तत्कालीन एसडीएम सदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ है। व्यापारी ने आदेश की प्रति बुधवार को जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दी।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान छह अप्रैल को तत्कालीन एसडीएम सदर व सीओ सिटी शहर में मास्क की चेकिंग कर रहे थे। आसिफगंज मुहल्ले में सराफा कारोबारी आशीष गोयल के दुकान पर अधिकारी पहुंचे तो वहां मास्क लगाने को लेकर विवाद हो गया। अधिकारियों ने आशीष गोयल को जबरन दुकान से खींच कर गाड़ी में बैठाया और कोतवाली भेज दिया। इसके बाद सारे व्यापारी लामबंद हो गए और अपनी-अपनी दुकाने बंद कर कोतवाली पर डेरा डाल दिया। काफी हो-हल्ला कोतवाली पर हुआ। यहां तक कि पुलिस को लाठी भांज कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा तो कुछ अराजक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ भी कर दी गई। इतना ही नहीं पथराव में एक पुलिस कर्मी घायल भी हो गया था। इस मामले में व्यापारी कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन करते रहे तो वहीं पुलिस ने कई व्यापारियों व राजनैतिक दलों के लोगों के साथ ही मीडियाकर्मी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। उच्चाधिकारियों ने एसडीएम सदर व सीओ सिटी का सगड़ी तहसील स्थानांतरण कर व्यापारियों के आंदोलन को खत्म कराया था। वहीं सराफा व्यापारी आशीष गोयल ने इस मामले में हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया था। जिसमें न्यायधीश ने 16 अगस्त को तत्कालीन एसडीएम सदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश पारित किया। आदेश की कापी सराफा व्यवसायी आशीष गोयल ने बुधवार को जिलाधिकारी को उपलब्ध कराते हुए मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है।