आजमगढ़। छत्तीसगढ़ के गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पीआरएस सिस्टम से निकला तत्काल टिकट आजमगढ़ के मुबारकपुर में प्रिंट करने का मामला अब रेलवे बोर्ड तक पहुंच गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। वहीं आरपीएफ को मुख्य आरोपी का सुराग मिल गया है। दावा है कि बहुत जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। गिरफ्तारी के बाद ही मामले से पर्दा उठेगा कि मामले के पीछे कौन-कौन शामिल है। इस अवैध कारोबार के पीछे आखिरकार किसका हाथ है और गड़बड़ियां कैसे की जा रही है।
आजमगढ़ आदर्श रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान दो यात्रियों के पास से रेलवे आरक्षण काउंटर टिकट की डुप्लीकेट कॉपी पाई गई। जांच हुई तो पता चला कि टिकट के स्टॉक नंबर एवं काउंटर कोड में छेड़छाड़ एवं बदलाव किया गया है। दोनों यात्रियों से पूछताछ में पता चला कि मुबारकपुर के रहने वाले आदर्श कुमार यादव की दुकान से डुप्लीकेट टिकट लिया गया है। बताए गए पते पर आरपीएफ की टीम ने छापेमारी की। पकड़े गए आरोपी आदमपुर निवासी उदयभान चौहान का नाम बताया। वहीं पूछताछ में उदयभान ने बताया कि एक विकास कुमार नाम का व्यक्ति है, जिससे सिर्फ मोबाइल के माध्यम से ही संपर्क है। उससे टिकट का लेनदेन बताए गए बैंक खाते से ही किया जाता है। फरार अभियुक्त विकास की तलाश में आरपीएफ जुट गई है। इतना तो साफ है कि इन टिकट दलालों का तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़ा हुआ है। आरपीएफ प्रभारी रमेश चंद्र मीना ने बताया कि आरोपी की तलाश अभी जारी है। विकास आजमगढ़ का रहने वाला नहीं है। वह कहां का है, क्या करता है, इसकी सारी जानकारी मिल गई है। बहुत जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।