बाजार स्थित कस्तुरबा गांधी आवासी विद्यालय परिसर में बने सेफ्टी टैंक में गिरकर डूबने से 26 अक्तूबर को वार्डेन के नौ वर्षीय पुत्र की मौत हो गई थी। इस मामले में एक माह बाद पीड़ित परिवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई। रानी की सराय थाने में दर्ज मामले में आरोपित ठेकेदारों पर आधा-अधूरा निर्माण कराकर छोड़ने का आरोप लगाया गया है।
वाराणसी जिले के लंका थाना क्षेत्र के करमनवीर सुसुबही गांव निवासिनी शकुंतला देवी पत्नी बसंत सिंह कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय रानी की सराय में बतौर वार्डेन तैनात है। वह विद्यालय परिसर में अपने नौ वर्षीय पुत्र दिव्यांश के साथ रहती थी। बीते 26 अक्टूबर को उनका पुत्र परिसर स्थित मैदान में खेल रहा था। इसी दौरान मैदान में आधा अधूरा निर्मित और खुले सेफ्टी टैंक में गिर गया। बरसात के पानी से भरे टैंक में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। इस बाबत वार्डेन ने रानी की सराय थाने में सेफ्टी टैंक निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार रामानंद व शशिकांत के खिलाफ तहरीर दिया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने घटना के एक माह बाद शनिवार की शाम मुकदमा पंजीकृत कर लिया। शिक्षा विभाग द्वारा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के माध्यम से परिसर में सेफ्टी टैंक बनवाने की कवायद 30 दिसंबर 2020 को शुरू कराया था। शशिकांत व रामानंद के माध्यम से विभाग काम शुरू कराया था। ठेकेदार गड्ढा खोदने के बाद टैंक तो बना दिए लेकिन उसे ढके नहीं और आधा अधूरा कार्य छोड़ दिए। जिससे वार्डेन पुत्र की डूब कर मौत हो गई थी।